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वाकड-चांदनी चौक हाईवे काम में तीन बार कटीं बिजली केबल, महावितरण की पुलिस में शिकायत

वाकड-चांदनी चौक हाईवे काम में तीन बार कटीं बिजली केबल, महावितरण की पुलिस में शिकायत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

महावितरण ने वाकड ब्रिज से चांदनी चौक के बीच NHAI के काम के दौरान अंडरग्राउंड केबल क्षतिग्रस्त होने पर ठेकेदार के खिलाफ बावधन पुलिस स्टेशन में शिकायत दी है।

पुणे, 2 नवंबर 2026: वाकड ब्रिज से चांदनी चौक के बीच हाईवे चौड़ीकरण के काम में अंडरग्राउंड बिजली केबल बार-बार क्षतिग्रस्त हुई हैं। इससे बिजली ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) ने नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के काम करने के तरीके पर आपत्ति जताई है।

MSEDCL के मुताबिक काम के दौरान उसकी अंडरग्राउंड केबल 16, 17 और 31 अक्टूबर को क्षतिग्रस्त हुईं। इससे बिजली गुल हुई, उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ी और कंपनी को आर्थिक नुकसान भी हुआ। कंपनी का आरोप है कि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद ठेकेदार ने केबल को सुरक्षित तरीके से हटवाए बिना सड़क का काम जारी रखा। MSEDCL ने ठेकेदार के खिलाफ बावधन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।

कंपनी का कहना है कि हाईवे चौड़ीकरण और सर्विस रोड के रास्ते में आने वाली बिजली लाइनें तय प्रक्रिया के हिसाब से ही शिफ्ट की जानी चाहिए। काम करने वाली एजेंसी को पहले MSEDCL से एस्टिमेट लेना होता है, मंजूरी लेनी होती है और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं। MSEDCL के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि NHAI ने पिंपरी चिंचवड़ महानगरपालिका की सीमा में काम की मंजूरी ले ली है, लेकिन पुणे महानगरपालिका की सीमा में आने वाले हिस्से के लिए ऐसी मंजूरी नहीं ली है।

तीन बार केबल क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं इस तरह हैं। 16 अक्टूबर को हाईवे के काम के दौरान 22kV बेवर्ली फीडर से बिजली देने वाली एक केबल क्षतिग्रस्त हुई। अगले दिन बिटवाइज चौक के पास 22kV निया फीडर की एक केबल क्षतिग्रस्त हुई। तीसरी घटना 31 अक्टूबर को दर्ज की गई।

इन घटनाओं की वजह से MSEDCL के लिए बिना रुकावट बिजली सप्लाई बनाए रखना मुश्किल हो गया है। कंपनी का अनुमान है कि मरम्मत और सप्लाई बहाल करने में कई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। बिजली बाधित होने से उपभोक्ता परेशान हुए और कंपनी की आमदनी पर भी असर पड़ा।

MSEDCL ने चेतावनी दी है कि 22kV हाई-टेंशन और लो-टेंशन अंडरग्राउंड लाइनों की ठीक से योजना बनाए बिना सड़क का काम पूरा किया गया तो आगे गंभीर दिक्कतें खड़ी हो सकती हैं। इन केबल में कोई भी खराबी आई तो औंध, बाणेर और महालुंगे में बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की बिजली गुल हो सकती है। कंपनी ने जोर देकर कहा है कि सड़क का काम आगे बढ़ने से पहले केबल की जगह पहचानी जाए और उन्हें सुरक्षित तरीके से शिफ्ट किया जाए।

MSEDCL को यह भी डर है कि अभी सड़क किनारे चल रही केबल चौड़ी हुई सड़क के बीच में आ सकती हैं या कंक्रीट की सतह के नीचे दब सकती हैं। ऐसे में खराबी ढूंढना और मरम्मत करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। क्षतिग्रस्त केबल तक पहुंचने के लिए कंक्रीट की सड़क खोदनी पड़ी तो बहाली में देर हो सकती है और लाखों उपभोक्ताओं की बिजली सप्लाई पर असर पड़ सकता है। MSEDCL का कहना है कि हाईवे जैसे ढांचागत प्रोजेक्ट बिजली सप्लाई जैसी जरूरी सेवाओं को नुकसान पहुंचाए बिना पूरे किए जाने चाहिए।

MSEDCL के औंध उपविभाग के अंतर्गत आने वाले बाणेर शाखा कार्यालय ने 27 अक्टूबर को बावधन पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दी। शिकायत में आरोप है कि ठेकेदार ने पहले की चेतावनियों के बावजूद और अंडरग्राउंड बिजली लाइनों को सुरक्षित तरीके से हटवाए बिना काम जारी रखा। MSEDCL ने पुलिस से अपील की है कि सार्वजनिक संपत्ति को आगे नुकसान से बचाने के लिए ठेकेदार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

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