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82% भारतीय कंपनियों को नहीं मिल रहे AI में माहिर लोग, स्किल की कमी बनी वजह

82% भारतीय कंपनियों को नहीं मिल रहे AI में माहिर लोग, स्किल की कमी बनी वजह तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पढ़ाई PT24 टीम

मुंबई से आई रिपोर्ट के मुताबिक करीब 82% भारतीय कंपनियां मानती हैं कि उम्मीदवारों में आज की जरूरत के हिसाब से स्किल नहीं है। पिछले साल यह आंकड़ा 80% था।

मुंबई, 30 अक्टूबर 2026: किसी कंपनी के पास नौकरी के लिए सैकड़ों अर्जियां आ जाती हैं, फिर भी सही आदमी हाथ नहीं लगता। भारत की कई कंपनियों के लिए यह आम परेशानी बन चुकी है। दिक्कत डिग्री या पढ़ाई की कमी की नहीं है। असल दिक्कत यह है कि AI से चलने वाले कामकाज के लिए जरूरी स्किल लोगों के पास नहीं हैं। भारत में AI literacy gap हर दिन टैलेंट की कमी की परत को और मोटा कर रहा है। सवाल यही है कि क्या आज के प्रोफेशनल कल की नौकरियों के लिए तैयार हैं?

भारत में काम करने वालों की तादाद बड़ी है, फिर भी कंपनियों को भर्ती में लगातार मुश्किल आ रही है। करीब 82% भारतीय कंपनियों का कहना है कि आज के बिजनेस की जरूरत के हिसाब से स्किल की कमी है। 2025 में यह आंकड़ा 80% था। कंपनियों के मुताबिक उम्मीदवार जो जानते हैं और कंपनी जो काम उनसे चाहती है, दोनों के बीच फासला है। डिग्री से पता चलता है कि किसी ने कौन सा विषय पढ़ा, लेकिन कंपनियां ऐसे लोग चाहती हैं जो डिजिटल ऐप्लिकेशन पर आराम से काम कर सकें और रोज के बिजनेस के मसले हल करने के लिए डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को साथ जोड़ सकें।

कंपनियों में टैलेंट की कमी की बात करें तो ऑटोमोटिव सेक्टर में 94% कंपनियों ने यह परेशानी बताई। इन्फॉर्मेशन और फाइनेंस एंड इंश्योरेंस में यह 85% है। प्रोफेशनल सर्विसेज और टेक्नोलॉजी एंड IT सर्विसेज में 84% कंपनियां यही कह रही हैं, जबकि मैन्युफैक्चरिंग में यह आंकड़ा 79% है।

अब AI सिर्फ टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। बैंक, अस्पताल, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग, हर जगह रोज के कामों में इसका इस्तेमाल हो रहा है। AI literacy का मतलब है वर्कप्लेस में AI को इस्तेमाल करना, उसके नतीजे परखना और सही तरीके से लागू करना। इसमें ML और generative AI की समझ और उनकी सीमाएं, AI ऐप्लिकेशन को सही निर्देश देने का हुनर (prompt engineering), डेटा की समझ और AI के नतीजों को जांचना, प्राइवेसी, पक्षपात और गलतियों की संभावना पर नजर (AI ethics) और काम व बिजनेस प्रोसेस को बेहतर बनाने के लिए AI का इस्तेमाल शामिल है। टेक्नोलॉजी के कुछ एडवांस रोल में Python प्रोग्रामिंग जैसे AI model development स्किल की भी मांग हो सकती है।

यह फासला बढ़ने की वजहें गिनाई गई हैं: इंडस्ट्रीज में टेक्नोलॉजी का तेजी से बदलना, असली ऐप्लिकेशन पर हाथ से काम का तजुर्बा न होना, भर्ती की उम्मीदों का बदलते रहना, प्रोफेशनल स्किल और ट्रेनिंग की कमी और हर इंडस्ट्री की अपनी अलग AI जरूरतें। इसी वजह से reskilling को करियर का नियमित हिस्सा बनाना जरूरी बताया गया है।

AI की बुनियादी समझ सिर्फ machine learning इंजीनियरों के लिए नहीं, कई इंडस्ट्री और विभागों में करियर के काम आ सकती है। मार्केटिंग में generative AI और predictive analytics से कैंपेन बेहतर होते हैं। फाइनेंस में data analytics और machine learning फाइनेंशियल फोरकास्टिंग में काम आते हैं। ह्यूमन रिसोर्स में AI recruitment tools और workforce analytics से भर्ती की प्रक्रिया सुधरती है। हेल्थकेयर में AI की मदद से होने वाला विश्लेषण और डेटा प्राइवेसी एडमिनिस्ट्रेटिव और क्लिनिकल सपोर्ट में लगते हैं। मैन्युफैक्चरिंग में predictive maintenance और automation से उपकरणों के प्रदर्शन पर नजर रखी जाती है, और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में AI model development स्किल और Python से AI ऐप्लिकेशन बनते हैं।

प्रोफेशनल अपनी AI क्षमता कैसे बढ़ाएं? पहले यह जांचें कि टेक्निकल जानकारी, डेटा एनालिसिस और AI टूल में आपके पास अभी क्या स्किल है। फिर सीधे एडवांस स्तर पर न कूदें, बुनियादी बातों से शुरू करके धीरे-धीरे असली इस्तेमाल तक जाएं। सीखने के साथ सही डेटासेट और प्रैक्टिकल असाइनमेंट पर रोज आजमाएं। बिखरे तरीके से सीखने के बजाय किसी तयशुदा कोर्स का रास्ता चुनें। और सीखना लगातार चलता रहे, क्योंकि बदलती उम्मीदों में मौके बनाने के लिए नियमित प्रैक्टिस और reskilling पर जोर देना चाहिए।

इस कमी से निपटने के लिए कंपनियों, शिक्षा संस्थानों और काम करने वाले प्रोफेशनलों, तीनों को मिलकर कोशिश करनी होगी। कंपनियों को चाहिए कि कर्मचारियों की AI में दिलचस्पी और जानकारी की नियमित जांच करें, स्किल लेवल और रोल के हिसाब से AI ट्रेनिंग दें और हाथ से सीखने के लिए प्रोजेक्ट और AI ऐप्लिकेशन मुहैया कराएं। शिक्षा संस्थान पढ़ाई को आज की बिजनेस जरूरतों से जोड़कर, पाठ्यक्रम में बदलाव करके और इंडस्ट्री से जुड़े AI प्रोग्राम और सर्टिफिकेशन पर ध्यान देकर यह फासला घटा सकते हैं। काम करने वालों के लिए ऑनलाइन Data Science सर्टिफिकेशन कोर्स भी टेक्निकल स्किल बढ़ाने का अच्छा जरिया हो सकते हैं।

कंपनियों को ऐसे मेहनती और हुनरमंद लोग चाहिए जो इन AI ऐप्लिकेशन को ज्यादा सटीकता से इस्तेमाल कर सकें, इसलिए मौके को पकड़ने के लिए तैयार रहना होगा। बेहतर और तयशुदा ट्रेनिंग और इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम करने से भारत यह AI स्किल गैप कम करने की तरफ बढ़ सकता है। अब लोग अपने मौजूदा प्रोफेशनल हुनर के साथ AI भी सीख सकते हैं और बदलते वर्कप्लेस में नए करियर के रास्ते खोल सकते हैं।

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