सोमेश्वर सहकारी कारखाने के अध्यक्ष राजवर्धन शिंदे, उपाध्यक्ष संग्राम सोरटे निर्विरोध चुने गए
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बारामती के श्री सोमेश्वर सहकारी साखर कारखाने में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद का चुनाव आज हुआ। दोनों पदों पर किसी ने मुकाबला नहीं किया।
बारामती के श्री सोमेश्वर सहकारी साखर कारखाने को आज नया अध्यक्ष और नया उपाध्यक्ष मिल गया। अध्यक्ष पद के लिए राजवर्धन शिंदे और उपाध्यक्ष पद के लिए संग्राम सोरटे निर्विरोध चुने गए। दोनों पदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया आज पूरी हुई।
इस चुनाव से पहले कारखाने के संचालक मंडल का चुनाव कुछ दिन पहले ही हुआ था। उसमें उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाले पैनल ने 21 में से सभी 21 सीटें जीती थीं। इसी जीत के बाद आज अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुने गए। स्रोत के मुताबिक यह चयन उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की सूचना के अनुसार की गई। इस मौके पर युवा नेता जय पवार मौजूद थे।
श्री सोमेश्वर सहकारी साखर कारखाने की पहचान राज्य में गन्ना उत्पादक किसानों को सबसे ऊंचा गन्ना दाम देने वाले कारखाने के तौर पर है। कुछ दिन पहले हुए चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रवादी बनाम राष्ट्रवादी था। सुनेत्रा पवार के मार्गदर्शन वाले पैनल के खिलाफ पुरुषोत्तम जगताप ने बगावत करके अलग पैनल खड़ा किया था। जगताप को अजित पवार का करीबी माना जाता है। इसके बावजूद कांटे की इस टक्कर में सुनेत्रा पवार की राष्ट्रवादी ने सभी 21 सीटें अपने नाम कीं।
सभासदों ने सुनेत्रा पवार के मार्गदर्शन वाले पैनल के सभी उम्मीदवारों को बड़े अंतर से जिताया और कारखाने की सत्ता उनके पैनल को सौंप दी। अजित पवार के जीवित रहते इस कारखाने पर उनका निर्विवाद दबदबा था। इस बार वे नहीं हैं और राष्ट्रवादी में फूट पड़ गई। उन्हें सबसे भरोसेमंद माने जाने वाले पुरुषोत्तम जगताप ने बगावत की। राष्ट्रवादी में दो गुट होने की वजह से भी इस चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला था।
स्रोत के मुताबिक अजित पवार की राष्ट्रवादी ने सोमेश्वर सहकारी साखर कारखाने पर एकतरफा दबदबा कायम कर लिया है। अब इस चयन के साथ कारखाने के नए नेतृत्व की जिम्मेदारी आधिकारिक तौर पर राजवर्धन शिंदे और संग्राम सोरटे के हाथ में आ गई है।
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