गुरूवार, 5 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

मावल के किसानों के विरोध पर इनर रिंग रोड की जमीन मापाई फिलहाल रुकी, कलेक्टर दुडी का फैसला

मावल के किसानों के विरोध पर इनर रिंग रोड की जमीन मापाई फिलहाल रुकी, कलेक्टर दुडी का फैसला तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र दुडी ने प्रस्तावित इनर रिंग रोड के लिए मावल में चल रही जमीन की मापाई अस्थायी तौर पर रोक दी है।

पुणे, 5 नवंबर 2026: प्रस्तावित इनर रिंग रोड के लिए मावल में जमीन की मापाई का काम फिलहाल रोक दिया गया है। पुणे के जिला कलेक्टर जितेंद्र दुडी ने यह फैसला उन किसानों के कड़े विरोध के बाद लिया, जिनकी खेती की जमीन इस प्रोजेक्ट की चपेट में आने की आशंका है।

यह प्रोजेक्ट पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMRDA) का है। प्रभावित किसानों की आपत्तियां और चिंताएं सुनने के लिए दुडी ने कलेक्टर दफ्तर में बैठक बुलाई थी। इसमें नेरे, सांगवडे, डारुंब्रे, सालुंब्रे, डुंब्रे, धामणे और पारंडवाडी, यानी सात गांवों के किसान पहुंचे थे।

किसानों की मांग थी कि प्रस्तावित अलाइनमेंट बदला जाए, ताकि सड़क उपजाऊ खेतों से होकर न गुजरे। उन्होंने मारुंजी-गहुंजे रोड का हवाला दिया, जिसका अलाइनमेंट कथित तौर पर बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए बदला गया था। किसानों का कहना था कि उसी तरह रिंग रोड के अलाइनमेंट में भी किसानों के हक में बदलाव होना चाहिए।

बैठक में विधायक सुनील शेळके, पूर्व राज्य मंत्री बाळा भेगडे, भूमि अधिग्रहण अधिकारी डॉ. वंशश्री लाबसेटवार, उप-विभागीय अधिकारी सुरेंद्र नवले, मावल के तहसीलदार विक्रम देशमुख और सातों गांवों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

अधिकारियों ने प्रस्तावित सड़क के फायदे गिनाए और किसानों को भरोसा दिया कि उनके साथ कोई नाइंसाफी नहीं होगी। भूमि अधिग्रहण अधिकारी ने गांव-स्तर की बैठकों में उठी मांगों और प्रोजेक्ट को लेकर फैली गलतफहमियों के बारे में भी सभी को बताया।

लेकिन किसान प्रशासन की इस सफाई से सहमत नहीं हुए। उन्होंने साफ कहा कि वे मुआवजे या किसी आर्थिक फायदे के लिए नहीं आए हैं। कुछ किसान तो बैठक छोड़कर बाहर जाने के लिए खड़े भी हो गए। शेळके के बीच में पड़ने के बाद बातचीत दोबारा शुरू हुई।

इसके बाद कई किसानों ने बताया कि वे प्रस्तावित अलाइनमेंट का विरोध क्यों कर रहे हैं। किसान सूर्यकांत सोरटे ने मारुंजी-गहुंजे रोड के पुराने बदलाव का हवाला देते हुए रास्ता बदलने की मांग की।

रोहन जगताप ने अधिकारियों की दी हुई जोनिंग से जुड़ी जानकारी में गड़बड़ियों की ओर ध्यान दिलाया और समझाया कि प्रस्तावित अलाइनमेंट से किसानों को कैसे नुकसान होगा। उन्होंने किसानों की दी हुई आपत्तियां, ग्राम सभाओं में पास हुए प्रस्ताव और एक वैकल्पिक रास्ते का ब्योरा भी पेश किया।

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट के प्रतिनिधियों ने भी आपत्ति जताई। इनमें पोपट रक्षे, रामनाथ गराडे, रामभाऊ सावंत, कांतिलाल सोरटे, अतुल गराडे और प्रदीप सावंत शामिल थे।

किसानों के तीखे विरोध को देखते हुए दुडी ने प्रस्तावित इनर रिंग रोड के लिए जमीन की मापाई की प्रक्रिया अस्थायी तौर पर रोकने का ऐलान किया।

#पुणे#शहर#PT24#Civic#Pune

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे