गोकुल के बोर्ड में 4 डायरेक्टर बढ़ाने पर राहुल गांधी ने भाजपा को घेरा, सतेज पाटील ने कोर्ट जाने की बात कही
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राहुल गांधी ने X पर आरोप लगाया कि भाजपा ने गोकुल में नियम बदलकर बहुमत चुराया। सतेज पाटील ने शुक्रिया कहा और कोर्ट व सड़क पर लड़ने की बात कही।
कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ, यानी गोकुल दूध संघ, की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। वजह है अध्यक्ष के चुनाव से पहले सरकार का वह फैसला, जिसमें गोकुल के बोर्ड पर शासन नियुक्त संचालक बिठाए जा रहे हैं। इस मामले में अब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उतर आए हैं।
पिछले दिनों हुए गोकुल के चुनाव में कांग्रेस नेता सतेज पाटील की राजर्षि शाहू समविचारी आघाडी ने महायुति के पैनल को बुरी तरह हराया था। इसके बाद भी अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर खींचतान थमी नहीं है। राज्य सरकार ने सहकार कानून में बदलाव करके गोकुल पर 4 शासन नियुक्त संचालक (Government Nominated Directors) बिठाने का फैसला किया है।
राहुल गांधी ने 5 नवंबर को अपने X अकाउंट पर इस फैसले को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि गोकुल में दूध उत्पादकों ने भाजपा को हरा दिया, तो भाजपा ने चुनाव के बाद नियम बदल दिए। राहुल गांधी के मुताबिक 4 डायरेक्टर बढ़ाकर बोर्ड को 12 से 16 का कर दिया गया और बहुमत चुरा लिया गया। उन्होंने कहा कि यह दूध उत्पादकों के वोट की चोरी है और जनादेश में मिलावट है।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भाजपा इतनी हताश हो चुकी है कि हर जगह सत्ता बचाने के लिए किसी भी हद तक जा रही है। उनके शब्दों में, दूध उत्पादकों का वोट चुराने वाले याद रखें कि किसान भूलता नहीं।
राहुल गांधी के ट्वीट के बाद सतेज पाटील ने उनका शुक्रिया अदा किया। पाटील ने लिखा कि कोल्हापुर के साढ़े पाँच लाख दूध उत्पादकों की आवाज़ बनने के लिए राहुल जी का धन्यवाद। उनका कहना है कि गोकुल का जनादेश किसानों का है और इसके लिए वे कोर्ट में भी लड़ेंगे और सड़क पर भी।
सतेज पाटील ने यह भी आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए बहुमत का अपमान करके पिछले दरवाजे से गोकुल की सत्ता हथियाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस मनमानी और सहकारी क्षेत्र में दखलंदाजी के खिलाफ वे चुप नहीं बैठेंगे। पाटील ने खुली चेतावनी दी कि इस फैसले के खिलाफ कोर्ट में दाद मांगने के साथ-साथ सीधे सड़क पर उतरकर तीव्र आंदोलन किया जाएगा।
इस बीच प्रशासनिक स्तर पर तैयारी चल रही है। शासन नियुक्त संचालकों के नाम तय करके उन्हें अध्यक्ष चुनाव की विशेष सभा में बुलाने के लिए अधिकृत पत्र भेजने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। यह सब अगले तीन दिनों में पूरा करने का प्लान है।
गोकुल के संचालक मंडल में फिलहाल सतेज पाटील की अगुवाई वाली समविचारी आघाडी के पास बहुमत है। लेकिन अगर महायुति सरकार के नियुक्त किए इन 4 नए सदस्यों को वोट देने का अधिकार मिल गया, तो अध्यक्ष पद के चुनाव की टक्कर और राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं। इसी वजह से इन चार संचालकों की भूमिका अहम मानी जा रही है।
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