बारामती के अनेकांत एजुकेशन सोसायटी अध्यक्ष जवाहर शाह वाघोलीकर का निधन
पूर्व नगराध्यक्ष और शिक्षा, राजनीति व व्यापार जगत की जानी-मानी हस्ती जवाहर शाह (वाघोलीकर) ने छोटी बीमारी के बाद दुनिया को अलविदा कहा।
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बारामती के शिक्षा, समाज, राजनीति और व्यापार जगत के वरिष्ठ चेहरे जवाहर शाह (वाघोलीकर) का थोड़े समय की बीमारी के बाद निधन हो गया। वे अनेकांत एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष थे और बारामती नगरपालिका के पूर्व नगराध्यक्ष भी रह चुके थे।
उनके जाने से बारामती की सार्वजनिक ज़िंदगी का एक अहम चेहरा चला गया, ऐसी भावना लोग जता रहे हैं। वे वरिष्ठ नेता शरद पवार और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के भरोसेमंद साथी के तौर पर भी जाने जाते थे। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीति, समाज और शिक्षा के क्षेत्र से शोक संदेश आने लगे।
जवाहर शाह ने अनेकांत एजुकेशन सोसायटी में लंबे समय तक सचिव का काम संभाला। इसके बाद जब उन्होंने संस्था के अध्यक्ष की ज़िम्मेदारी ली, तो शिक्षा के विस्तार के लिए खास कोशिशें कीं। उनकी अगुवाई में संस्था के शैक्षणिक काम को बड़ी दिशा मिली। बारामती और आसपास के विद्यार्थियों को अलग-अलग कोर्स के ज़रिए पढ़ाई के नए मौके दिलाने में उनका बड़ा हिस्सा रहा।
अनेकांत एजुकेशन सोसायटी के तहत तुळजाराम चतुरचंद महाविद्यालय, जयसिंगपुर का सीनियर कॉलेज, अनेकांत इंग्लिश मीडियम स्कूल, साथ ही जूनियर और पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स चलाए जाते हैं। इसके अलावा बी. फार्मसी, डी. फार्मसी, एमबीए, पत्रकारिता और फूड टेक्नोलॉजी जैसे कोर्स भी संस्था में उपलब्ध हैं। इन शिक्षण संस्थाओं के विस्तार और तरक्की में शाह का योगदान अहम माना जाता है।
पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ जवाहर शाह सार्वजनिक जीवन में भी सक्रिय रहे। बारामती नगरपालिका के नगराध्यक्ष के तौर पर उन्होंने शहर के विकास कामों में हाथ बँटाया। बारामती मर्चंट एसोसिएशन के अध्यक्ष के नाते उन्होंने व्यापारियों के सवाल और हित सामने रखे। जैन समाज के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भी वे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने की वजह से बारामती में उनका जनसंपर्क काफ़ी बड़ा था।
वरिष्ठ नेता शरद पवार से उनके कई सालों से करीबी रिश्ते थे। दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार से भी उनका गहरा लगाव था। निधन की खबर मिलने पर शरद पवार, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार और सांसद सुप्रिया सुळे ने दुख जताया।
उनके जाने से बारामती के राजनीतिक और सामाजिक दायरे में बड़ा खालीपन आ गया है, ऐसी भावना लोग ज़ाहिर कर रहे हैं। उनके परिवार में पार्षद राहुल वाघोलीकर, दो शादीशुदा बेटियाँ, बहू और नाती-पोते हैं।
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