पुणे में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अब जरूरी, चेहरे से भी होगी पहचान
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राज्य के रजिस्ट्रेशन और स्टैम्प विभाग ने बुधवार (4 नवंबर) से प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन में शामिल सभी लोगों के लिए आधार ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया है।
पुणे, 5 नवंबर 2026: प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने वाले हर शख्स के लिए अब आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी हो गया है। राज्य के रजिस्ट्रेशन और स्टैम्प विभाग ने बुधवार (4 नवंबर) से यह नियम लागू किया है। इसके साथ पहचान जांचने का एक और तरीका जोड़ा गया है, यानी UIDAI के आधिकारिक मोबाइल ऐप से चेहरे का वेरिफिकेशन।
रजिस्ट्रेशन अफसरों के मुताबिक यह सुविधा विभाग के iSARITA 1.9 सिस्टम में जोड़ी गई है। इसका नाम Online Verification Seeking Entity (OVSE) है। फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैन के जो तरीके पहले से चल रहे हैं, यह उनके साथ अलग से काम करेगी।
नई व्यवस्था में एक पुरानी छूट खत्म कर दी गई है। पहले अगर किसी का आधार ऑथेंटिकेशन फेल हो जाता था, तो कोई गवाह या पहचान करने वाला शख्स उसकी पहचान की पुष्टि कर सकता था। अब यह इंतजाम बंद है। प्रॉपर्टी सौदे से जुड़े सभी पक्षों को आधार ऑथेंटिकेशन कामयाबी से पूरा करना ही होगा।
सब-रजिस्ट्रार दफ्तरों (SRO) में देरी न हो, इसके लिए लोगों को सलाह दी गई है कि दफ्तर जाने से पहले आधिकारिक आधार ऐप डाउनलोड कर लें। शुरुआती रजिस्ट्रेशन, SIM वेरिफिकेशन और चेहरे का ऑथेंटिकेशन भी पहले ही निपटा लें। ऐप चलाने के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर का वर्जन, या iOS 16 या उससे ऊपर का वर्जन चाहिए। साथ में चालू इंटरनेट और काम करता कैमरा भी जरूरी है।
रजिस्ट्रेशन के वक्त दफ्तर के कंप्यूटर पर एक QR कोड बनेगा। संबंधित शख्स को उसे आधार ऐप से स्कैन करना होगा, सहमति देनी होगी और चेहरे का ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा। नतीजा उसी वक्त दफ्तर के कंप्यूटर पर दिख जाएगा। ऑथेंटिकेशन कामयाब रहा तो रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ रजिस्ट्रेशन अभय मोहिते ने कहा कि वेरिफिकेशन के वक्त आधार धारकों को अपने रजिस्टर्ड मोबाइल फोन के साथ खुद मौजूद रहना होगा। उन्हें छह अंकों के PIN से लॉग इन करना भी आना चाहिए। जिन लोगों ने अपना आधार बायोमेट्रिक लॉक कर रखा है, उन्हें इसे ऐप से अनलॉक करना होगा।
विभाग ने रजिस्ट्रेशन अफसरों को निर्देश दिया है कि वे लोगों को ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया, डेटा शेयरिंग और सहमति की जरूरतों के बारे में बताएं। लोग इस नई सुविधा से वाकिफ हो सकें, इसके लिए विभाग अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विस्तृत वीडियो ट्यूटोरियल भी शेयर कर रहा है।
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