पुणे के शिवाजीनगर एसटी बस स्टेशन का 825 करोड़ रुपये में होगा नया निर्माण
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एमएसआरटीसी और महा-मेट्रो ने शिवाजीनगर बस स्टेशन के पुनर्विकास के लिए समझौता किया है। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले इस हब से रोज एक लाख से ज्यादा यात्रियों को फायदा होगा।
पुणे के शिवाजीनगर बस स्टेशन के पुनर्विकास का लंबा इंतजार अब खत्म होने की तरफ बढ़ा है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) और महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (महा-मेट्रो) इस प्रोजेक्ट को मिलकर आगे बढ़ाने के लिए समझौता कर रहे हैं। अनुमान है कि इस ट्रांसपोर्ट हब पर 825 करोड़ रुपये खर्च होंगे और यहां से रोज एक लाख से ज्यादा यात्री सफर करेंगे।
यह समझौता (एमओयू) मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुआ। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य के परिवहन मंत्री और MSRTC के चेयरमैन प्रताप सरनाईक मौजूद थे।
प्रोजेक्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल पर बनेगा। अमल की जिम्मेदारी महा-मेट्रो की होगी, जबकि निर्माण और कमर्शियल डेवलपमेंट में निजी डेवलपर शामिल रहेंगे। पीपीपी मॉडल अपनाने की नीति को राज्य कैबिनेट पहले ही मंजूरी दे चुकी है। बन जाने के बाद इसके महाराष्ट्र के सबसे बड़े और सबसे आधुनिक एसटी बस टर्मिनलों में गिने जाने की उम्मीद है।
नया कॉम्प्लेक्स कई मंजिलों का होगा, जिसमें यात्री सेवाएं, बसों का संचालन और कमर्शियल जगह एक ही इमारत में रहेंगी। ग्राउंड फ्लोर पर यात्रियों की सुविधाएं होंगी, पहली मंजिल पर बसें खड़ी की जाएंगी और ऊपर की मंजिलें कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए रखी गई हैं।
टेंडर की प्रक्रिया अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने निर्माण में करीब तीन से चार साल लगने का इशारा किया है, हालांकि आखिरी समय-सीमा प्रोजेक्ट के अमल और डेवलपमेंट के शेड्यूल पर निर्भर करेगी।
इस पुनर्विकास से उन परेशानियों को दूर करने की उम्मीद है जो यात्री सालों से झेल रहे हैं। दिसंबर 2019 में मूल शिवाजीनगर एसटी बस स्टेशन को वाकडेवाड़ी शिफ्ट किया गया था, क्योंकि वहां पुणे मेट्रो के अंडरग्राउंड स्टेशन का काम होना था। असली टर्मिनल से करीब 1.5 किलोमीटर दूर बनी इस अस्थायी व्यवस्था की वजह से यात्रियों को एसटी सेवा पकड़ने के लिए ज्यादा दूर जाना पड़ रहा है। प्रस्तावित पुनर्विकास में बस स्टेशन अपनी पुरानी जगह पर लौटेगा और मेट्रो नेटवर्क से जुड़ेगा।
महा-मेट्रो नागपुर और पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट, ठाणे इंटीग्रल रिंग मेट्रो प्रोजेक्ट और नवी मुंबई मेट्रो लाइन 1 के संचालन और रखरखाव से भी जुड़ी है। पुनर्विकास योजना को अमल में लाने की निगरानी वही करेगी।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।