पुणे जिले के 4.34 लाख किसान पीएम किसान के पात्र, अब तक 1,937 करोड़ रुपये बंटे
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पीएम किसान की 24वीं किस्त जारी होने के साथ पुणे जिले में योजना का आंकड़ा 1,937 करोड़ रुपये तक पहुंचा। 13 तालुकाओं के करीब 4.34 लाख किसान फिलहाल पात्र हैं।
खेती का खर्च निकालने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना चलाती है। पुणे जिले के लाखों किसानों को इसका फायदा मिला है। जिले में अब तक कुल 1 हजार 937 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। जिले के 13 तालुकाओं के करीब 4.34 लाख किसान इस वक्त योजना के लिए पात्र हैं।
गुजरात के बनासकांठा में हुए एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों पीएम किसान की 24वीं किस्त जारी की गई। उपमुख्यमंत्री और पुणे की पालकमंत्री सुनेत्रा पवार इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी कार्यालय से ऑनलाइन जुड़ीं।
पुणे जिले के 13 तालुकाओं से इस योजना के लिए कुल 5 लाख 76 हजार 279 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से अभी करीब 4.34 लाख लाभार्थी पात्र माने गए हैं।
योजना में पात्र किसान परिवार को हर साल 6 हजार रुपये मिलते हैं। यह रकम 2 हजार रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में जमा होती है। 2019 से अब तक 24 किस्तों के जरिए किसानों को यह आर्थिक मदद दी जा रही है।
लाभ नियमित मिलता रहे, इसके लिए किसानों को कुछ बातें पूरी करनी होती हैं। इनमें ई-केवायसी, आधार से जुड़ा बैंक खाता, जमीन के रिकॉर्ड का अपडेट रहना और जरूरी किसान पहचान नंबर की पूर्ति शामिल है।
पात्र किसानों के खाते में पैसे डीबीटी के तरीके से जमा किए जाते हैं। इसलिए कागजात में कोई गड़बड़ी हो या ई-केवायसी अधूरा रहे, तो लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है।
तालुका के हिसाब से देखें तो आंबेगांव में 37 हजार 231 लाभार्थी हैं और 151 करोड़ रुपये बंटे हैं। बारामती में 50 हजार 731 लाभार्थियों को 230 करोड़ रुपये मिले। भोर में 25 हजार 137 लाभार्थी और 104 करोड़ रुपये, दौंड में 42 हजार 420 लाभार्थी और 195 करोड़ रुपये का आंकड़ा है। हवेली में 10 हजार 953 लाभार्थी और 56 करोड़ रुपये, इंदापुर में 48 हजार 740 लाभार्थी और 219 करोड़ रुपये दर्ज हैं।
जुन्नर में 52 हजार 281 लाभार्थी हैं और 231 करोड़ रुपये बंटे। खेड में 43 हजार 633 लाभार्थी और 200 करोड़ रुपये, मावल में 17 हजार 496 लाभार्थी और 77 करोड़ रुपये, मुलशी में 13 हजार 55 लाभार्थी और 71 करोड़ रुपये हैं। पुरंदर में 32 हजार 108 लाभार्थी और 133 करोड़ रुपये, शिरूर में 51 हजार 508 लाभार्थी और 229 करोड़ रुपये रहे। वेल्हा तालुका में 9 हजार 34 लाभार्थी हैं और वहां 40 करोड़ रुपये बांटे गए हैं।
योजना को जमीन पर उतारने के लिए राजस्व, कृषि और ग्रामविकास विभाग आपसी तालमेल से काम कर रहे हैं। इसी वजह से पात्र किसानों से अपील की जा रही है कि वे अपने कागजात और बैंक खाते की जानकारी अपडेट रखें।
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