बेंगलुरु-पुणे बुलेट ट्रेन रूट अगले हाई-स्पीड रेल विस्तार में आ सकता है: वैष्णव
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित बेंगलुरु-पुणे कॉरिडोर को बुलेट ट्रेन के अगले चरण में संभावित रूट बताया है। रूट अभी प्रस्ताव के स्तर पर है।
पुणे देश के बढ़ते हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का हिस्सा बन सकता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रस्तावित बेंगलुरु-पुणे कॉरिडोर को बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के अगले चरण में जुड़ने वाले संभावित रूट के तौर पर बताया है। केंद्र आने वाले सालों में हाई-स्पीड रेल के 3,000 किलोमीटर के और कॉरिडोर विकसित करने की योजना बना रहा है, और यह रूट उन्हीं कनेक्शनों में गिना जा रहा है जिन पर विचार चल रहा है।
वैष्णव ने यह बात बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को पहली बार हरी झंडी दिखाने के बाद कही। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही 4,000 किलोमीटर के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार विकसित भारत के अपने विजन की ओर बढ़ रही है और आगे और घोषणाएं होने की उम्मीद है।
प्रस्तावित बेंगलुरु-पुणे लिंक कर्नाटक से होकर गुजरेगा। यह बेंगलुरु को हुबल्ली से जोड़ेगा और वहां से आगे पुणे की तरफ जाएगा। अगर यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है तो दोनों राज्यों के बड़े टेक्नोलॉजी और कारोबारी केंद्रों के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है। हालांकि रूट अभी सिर्फ प्रस्ताव के स्तर पर है। निर्माण की कोई तय समय-सीमा या विस्तृत अलाइनमेंट अब तक घोषित नहीं हुआ है।
रेल मंत्री ने दक्षिण भारत के लिए एक अलग हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की योजना भी बताई। यह कॉरिडोर बेंगलुरु, हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई को जोड़ेगा। इस नेटवर्क का मकसद दक्षिण भारत के बड़े आर्थिक और टेक्नोलॉजी केंद्रों को एक-दूसरे के ज्यादा करीब लाना है।
वैष्णव ने सफर के समय का जो अनुमान बताया, उसके हिसाब से हाई-स्पीड ट्रेन बेंगलुरु से चेन्नई की दूरी 73 मिनट में तय कर सकती है। बेंगलुरु से हैदराबाद का सफर करीब दो घंटे 10 मिनट में हो सकता है। उन्होंने कहा कि तेज इंटरसिटी कनेक्शन से कारोबारी गतिविधियों को सहारा मिल सकता है, क्षेत्रीय एकजुटता बेहतर हो सकती है और दक्षिणी राज्यों को व्यापक आर्थिक फायदे मिल सकते हैं।
वैष्णव ने यह भी संकेत दिया कि बेंगलुरु को जल्द ही एक और वंदे भारत मिल सकती है, इस बार कर्नाटक के तटीय इलाके की तरफ। प्रस्तावित बेंगलुरु-मैंगलुरु सेवा रूट पर इलेक्ट्रिफिकेशन और ट्रायल रन पूरे होने के बाद आने वाले हफ्तों में शुरू हो सकती है।
उम्मीद है कि नई ट्रेन से तटीय शहरों, खासकर मैंगलुरु और उडुपी, का सफर आसान होगा। कारवार और गोवा की तरफ जाने वाले यात्रियों के लिए भी रेल पहुंच बेहतर हो सकती है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।