पायल की मौत में पति के बाद सास-ससुर भी पुलिस के शिकंजे में, दहेज के आरोप
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
स्वारगेट पुलिस ने पायल पवार-झांबरे की मौत के मामले में सास मंगला झांबरे और ससुर अरविंद झांबरे को गिरफ्तार किया है। पति अक्षय झांबरे पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।
पुणे, 4 नवंबर 2026: मुकुंदनगर में पायल पवार-झांबरे की मौत के मामले में स्वारगेट पुलिस ने अब उसके सास-ससुर को भी पकड़ लिया है। ससुर का नाम अरविंद झांबरे है। सास का नाम एक रिपोर्ट में मंगल और दूसरी में मंगला लिखा गया है। पायल के पति अक्षय झांबरे को पुलिस इससे पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
बताया गया है कि केस दर्ज होते ही सास और ससुर दोनों घर छोड़कर गायब हो गए थे और पुलिस की पकड़ से बच रहे थे। स्वारगेट पुलिस ने तलाश तेज की और आखिर दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस को उम्मीद है कि अब पूछताछ में मामले की कई और परतें खुलेंगी।
अक्षय की गिरफ्तारी दो दिन पहले हुई थी। पुलिस उसे इस केस का मुख्य आरोपी बता रही है। उसे शिवाजीनगर कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने चार दिन के लिए उसे पुलिस की कस्टडी में सौंप दिया।
पायल की उम्र 29 साल थी। उसकी लाश सोमवार 2 नवंबर को मुकुंदनगर की अक्षय हाइट्स सोसायटी के एक फ्लैट में मिली। पुलिस के मुताबिक एक दिन पहले, यानी रविवार 1 नवंबर की शाम, सास से उसका झगड़ा हुआ था और वह घर से चली गई थी। सोमवार सुबह ससुराल से फोन आया, तब मायके वालों ने उसे खोजना शुरू किया। परिवार और रिश्तेदार ढूंढ ही रहे थे कि वह फ्लैट में मृत मिली। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पायल ने 1 नवंबर को ही फांसी लगा ली थी। लाश अगले दिन मिली।
खबर मिलते ही स्वारगेट पुलिस मौके पर पहुंची। लाश कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ससून अस्पताल भेजी गई। पुलिस को वहां कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। शुरू में इसे आत्महत्या का मामला माना गया, लेकिन कुछ रिश्तेदारों को शक है कि यह हत्या भी हो सकती है। पुलिस घर के झगड़े, उत्पीड़न के आरोपों और मौत से पहले के हालात, सब की जांच कर रही है।
पायल के परिवार का कहना है कि मरने से पहले उसने अपने भाई को मैसेज भेजकर अपनी सास को जिम्मेदार बताया था। परिवार के मुताबिक उसने भाई को यह भी लिखा था कि ससुराल वाले दिवाली पर पांच तोला सोना मांग रहे हैं। बाकी रिश्तेदारों का आरोप है कि हर दिवाली पर मायके से पांच से दस तोला सोना लाने का दबाव डाला जाता था। एक बयान में सीधे दस तोले की मांग का जिक्र है। इस साल भी वही मांग दोहराई गई थी।
परिवार किसान है। सूखे की वजह से हाथ तंग था, इसलिए उन्होंने अगली फसल तक की मोहलत मांगी थी। उनका आरोप है कि इसके बाद भी पायल पर दबाव और सताना बंद नहीं हुआ। परिवार का कहना है कि शादी के बाद से ही पति, सास, ससुर और ननद पैसे और सोने के लिए उसे मानसिक और शारीरिक तकलीफ देते रहे।
शादी पर हुए खर्च को लेकर दो अलग आंकड़े सामने आए हैं। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) मिलिंद मोहिते के मुताबिक 2019 में अक्षय से शादी के वक्त पायल के घर वालों ने 50 तोला सोना और 25 लाख रुपये नकद दिए थे। दूसरी तरफ परिवार ने पुलिस को बताया कि शादी में कुल 70 से 80 लाख रुपये लगे थे। उनका कहना है कि इतना करने के बाद भी ससुराल वाले खुश नहीं थे।
रिश्तेदारों के मुताबिक 2022 में पायल के गर्भवती होने पर भी उसे परेशान किया गया, क्योंकि पति और सास-ससुर घर में बेटा चाहते थे। 30 मार्च 2023 को उसने बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि उसके बाद ससुराल के लोगों ने अस्पताल में शोर-शराबा किया। उन्होंने मां और नवजात, दोनों की जिम्मेदारी उठाने से साफ मना कर दिया।
पायल ने कंप्यूटर साइंस में एमएससी की थी और एक आईटी कंपनी में काम करती थी। रिश्तेदार बताते हैं कि उसकी तरक्की का मौका पास आ रहा था, फिर भी ससुराल वाले चाहते थे कि वह नौकरी छोड़कर घर संभाले। इसके लिए उस पर लगातार जोर डाला जाता था।
स्वारगेट पुलिस स्टेशन में पति, सास, ससुर और ननद के खिलाफ केस दर्ज है। एक रिपोर्ट में ननद का नाम अक्षता बताया गया है। केस में भारतीय न्याय संहिता की धाराएं लगी हैं। इनमें दहेज के कारण मौत और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप शामिल बताए गए हैं। अब तक ननद की गिरफ्तारी की कोई खबर नहीं है। पुलिस का कहना है कि इन सभी आरोपों की सच्चाई जांच से ही साफ होगी।
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