शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पुणे में फ्लैट बुक करने से पहले महारेरा पर बिल्डर की शिकायतें कैसे देखें

पुणे में फ्लैट बुक करने से पहले महारेरा पर बिल्डर की शिकायतें कैसे देखें तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

बुकिंग से पहले महारेरा के शिकायत रिकॉर्ड में बिल्डर, प्रोजेक्ट और रजिस्ट्रेशन नंबर तीनों से खोजें, और शिकायत व आदेश का फर्क समझें।

पुणे में फ्लैट खरीदने निकले ज्यादातर लोग बिल्डर की वेबसाइट देखते हैं, सेल्स ऑफिस जाते हैं, सैंपल फ्लैट देखते हैं और गूगल पर रिव्यू पढ़ लेते हैं। लेकिन बुकिंग से पहले एक सवाल और पूछना चाहिए: इस बिल्डर या उसके प्रोजेक्ट के खिलाफ खरीदारों ने महारेरा में कौन सी शिकायतें की हैं? बहुत कम खरीदार महारेरा का शिकायत डेटाबेस खंगालते हैं।

महारेरा की आधिकारिक शिकायत खोज सुविधा में शिकायत नंबर, रिस्पॉन्डेंट का नाम, प्रोजेक्ट का नाम और प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर खोजा जा सकता है। तारीख, शिकायत की श्रेणी या स्टेटस और जिले या डिवीजन के फिल्टर भी मिलते हैं। इसमें रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की शिकायत, गैर-रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की शिकायत और शिकायत सुलह (कन्सिलिएशन) जैसी श्रेणियां अलग रखी गई हैं। शिकायत नंबर पहले से पता होना जरूरी नहीं है। बिल्डर या प्रोजेक्ट का नाम मालूम हो तो वहीं से शुरुआत हो सकती है।

सबसे पहले बिल्डर का नाम डालकर खोजें, पर ब्रांड नाम की जगह कानूनी प्रमोटर कंपनी का नाम लें। बड़े डेवलपर के अलग-अलग प्रोजेक्ट के लिए अलग कंपनियां या प्रोजेक्ट एंटिटी हो सकती हैं, इसलिए प्रमोटर का नाम महारेरा के प्रोजेक्ट रिकॉर्ड से निकालें। फिर प्रोजेक्ट का सही नाम डालकर खोजें, क्योंकि बिल्डर के नाम की खोज में उसके दूसरे प्रोजेक्ट की शिकायतें भी आ जाती हैं। तीसरी खोज रजिस्ट्रेशन नंबर से करें। प्रोजेक्ट के नाम मिलते-जुलते हो सकते हैं और फेज 1, फेज 2, टावर A, टावर B या कई रजिस्ट्रेशन भी हो सकते हैं। तीनों खोजों के नतीजे मोटे तौर पर एक जैसे निकलें तो रिकॉर्ड सही होने का भरोसा बढ़ता है। बहुत अलग निकलें तो वजह ढूंढनी चाहिए।

सिर्फ गिनती देखकर फैसला न करें। मान लीजिए डेवलपर A पर 100 शिकायतें हैं और डेवलपर B पर 10। हो सकता है A के पास 10,000 अपार्टमेंट हों और ज्यादातर शिकायतें अलग-अलग पेमेंट विवाद की हों, जो निपट चुकी हों। B के पास 500 अपार्टमेंट हों और एक ही प्रोजेक्ट में कई गंभीर विवाद अटके हों। इसलिए शिकायतें गिनिए मत, उन्हें समझिए। शिकायत मिलने का मतलब यह नहीं कि बिल्डर दोषी साबित हो गया। शिकायत एक आरोप या ऐतराज है। आदेश महारेरा का फैसला या निर्देश है। आदेश में राहत मिल सकती है, दावा खारिज हो सकता है, आंशिक राहत मिल सकती है, निर्देश जारी हो सकते हैं, या समझौता और वापसी दर्ज हो सकती है। नतीजा आदेश खोलकर ही पढ़ें। सुलह कोई अंतिम फैसला नहीं होती।

हर शिकायत में छह बातें देखें: शिकायतकर्ता कौन है, रिस्पॉन्डेंट कौन सी कानूनी कंपनी है, कौन सा प्रोजेक्ट है, विवाद क्या था, महारेरा ने क्या तय किया और मामला निपटा, पेंडिंग है या सुलझ गया। इन्हें लिख लें। पैटर्न पर नजर रखें। मान लीजिए 15 शिकायतें मिलती हैं और सारी पजेशन में देरी की हैं, तो यह काम पूरा करने की दिक्कत का संकेत हो सकता है। 12 शिकायतें अलग-अलग रिफंड विवादों की हों और तीन बेमतलब मामलों की, तो मतलब अलग निकलेगा। कई प्रोजेक्ट में एक ही तरह की शिकायतें दिखें तो ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

बिल्डर का पूरा पुणे रिकॉर्ड देखें, पुराने प्रोजेक्ट भी। मसलन खराडी में नया प्रोजेक्ट देख रहे हों तो सिर्फ वही नहीं, बिल्डर का पूरा नाम डालकर खोजें। नए प्रोजेक्ट पर शिकायतें कम हो सकती हैं क्योंकि वह हाल ही में लॉन्च हुआ है। पर एक प्रोजेक्ट की शिकायत को अपने आप दूसरे प्रोजेक्ट पर न थोपें। शिकायत की उम्र देखें, 2018 की शिकायत और 2026 की शिकायत बराबर नहीं हैं। प्रोजेक्ट किस दौर में था, यह भी देखें। कई रिस्पॉन्डेंट हों, जैसे प्रमोटर, एजेंट या चैनल पार्टनर, तो हर आरोप डेवलपर के नाम न लिखें। शिकायतें बहुत कम हों तब भी खुश न हों, बिल्डर नया हो सकता है या आपने गलत नाम से खोजा हो।

शिकायतें मिलें तो बिल्डर पर इल्जाम न लगाएं, सीधे सवाल पूछें, जैसे पुराने प्रोजेक्ट में पजेशन की देरी की वजह क्या थी और मौजूदा प्रोजेक्ट में क्या बदला गया। आखिर में फ्लैट की साइट विजिट करें, एग्रीमेंट किसी वकील से दिखवाएं और फिर फैसला लें। महारेरा के रिकॉर्ड और केस की स्थिति बदल सकती है, इसलिए ताजा जानकारी महारेरा के आधिकारिक पोर्टल पर ही जांचें। यह जानकारी आम उपभोक्ता जागरूकता के लिए है, कानूनी, वित्तीय या निवेश सलाह नहीं।

#पुणे#कारोबार#PT24#Business#Pune

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे