दिवाली पैकेज के बाद एसटी कर्मचारियों की हड़ताल वापस, परिवहन मंत्री सरनाईक की पहल रंग लाई
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल के कर्मचारी संगठनों ने प्रस्तावित हड़ताल और आंदोलन रद्द कर दिया है। संगठनों के नेताओं ने यह जानकारी दी।
महाराष्ट्र के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य परिवहन महामंडल यानी एसटी के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल टल गई है। यूनियन नेताओं ने बताया कि हड़ताल और आंदोलन दोनों रद्द कर दिए गए हैं। इसका श्रेय परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की मध्यस्थता को दिया जा रहा है, जो महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल (MSRTC) के अध्यक्ष भी हैं।
यह फैसला सरनाईक के दिवाली पैकेज के ऐलान के बाद आया है। यह पैकेज महामंडल के 83,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए है। इसमें हर एक को 10,000 रुपये की अनुग्रह राशि मिलेगी। पात्र कर्मचारियों को 12,500 रुपये का त्योहार अग्रिम दिया जाएगा। साथ ही महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है।
सरनाईक ने यह घोषणा एसटी महामंडल की अलग-अलग कर्मचारी यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में की। आसान शब्दों में कहें तो 10,000 रुपये की राशि सभी 83,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए है, जबकि 12,500 रुपये का अग्रिम सिर्फ पात्र कर्मचारियों को मिलेगा। महंगाई भत्ते की दर दो प्रतिशत अंक बढ़ी है।
मंत्री ने साफ रुख अपनाया कि महामंडल आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, फिर भी कर्मचारियों की दिवाली की खुशी छीनी नहीं जा सकती। उनके अपने अनुमान के मुताबिक इस पैकेज से महामंडल पर करीब 160 करोड़ रुपये का आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसके बावजूद उन्होंने कहा कि कर्मचारी खुशी से दिवाली मनाएं, यह पक्का करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरनाईक ने कहा, "एसटी के अधिकारी और कर्मचारी दिन-रात मेहनत करके लाखों यात्रियों को सुरक्षित सफर कराते हैं। उनकी इस मेहनत को ध्यान में रखकर दिवाली पर अनुग्रह राशि देना सिर्फ दरियादिली नहीं, उनका हक है।"
उन्होंने एसटी महामंडल का भविष्य उज्ज्वल होने का भरोसा भी जताया। इसका श्रेय उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार के मजबूत समर्थन को दिया।
घोषणा के साथ ही सरनाईक ने कर्मचारियों से अपील की थी कि वे आंदोलन या हड़ताल का हथियार न उठाएं। उन्होंने कहा, "एसटी आम यात्रियों की जीवनरेखा है। किसी भी आंदोलन से यात्रियों को तकलीफ नहीं होनी चाहिए।" उन्होंने कर्मचारियों और यात्रियों को एसटी के दो अहम घटक बताया। कर्मचारियों के मुद्दों पर सरकार बातचीत से रास्ता निकालने को हमेशा तैयार है, ऐसा उनका कहना था।
यूनियन नेता संदीप शिंदे ने कहा कि यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसलिए संगठन हड़ताल वापस ले रहे हैं। उनके मुताबिक मंत्री ने भरोसा दिया है कि बाकी मांगों पर दिवाली के बाद चर्चा होगी। शिंदे ने बताया कि संगठनों ने अपनी दूसरी मांगें भी परिवहन मंत्री के सामने रखी थीं।
शिंदे ने कहा, "हमारे लिए यात्री भगवान है। इसलिए यात्रियों को कोई दिक्कत न हो, हम हड़ताल वापस ले रहे हैं।" उन्होंने त्योहार की भीड़ का भी जिक्र किया। उनके शब्दों में, "दिवाली में छुट्टियां होने के बावजूद यात्रियों की संख्या 40 से 45 प्रतिशत बढ़ जाती है। अकेले भाई दूज के दिन यह संख्या करीब 60 से 70 प्रतिशत बढ़ती है।"
शिंदे के मुताबिक कर्मचारियों को हर साल दिवाली पर 6,000 रुपये का तोहफा मिलता था, जो इस बार 4,000 रुपये बढ़ा है। त्योहार अग्रिम भी दिया गया है और महंगाई भत्ता दो प्रतिशत बढ़ा है। उन्होंने कहा, "इससे हम जरूर खुश हैं।"
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