पुणे के अमीर खरीदारों के लिए लग्जरी का मतलब अब सेहत, स्मार्ट सुविधाएं और खुली जगह
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड की स्टडी के मुताबिक पुणे में महंगे घर खरीदने वाले अब वेलनेस, टेक्नोलॉजी, टिकाऊपन और बड़ी जगह को लग्जरी मानते हैं।
गोदरेज प्रॉपर्टीज लिमिटेड (जीपीएल) की एक स्टडी में सामने आया है कि घर अब सिर्फ प्रॉपर्टी नहीं रह गया। जीपीएल देश के बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स में से एक है। स्टडी के मुताबिक घर अब ऐसी निजी पनाहगाह है, जिसमें रहने वाले की चाहतें झलकती हैं, सेहत का ख्याल रखा जाता है और प्रकृति, टेक्नोलॉजी व आज के डिजाइन का मेल बैठता है।
जीपीएल ने अक्टूबर में The Elevated Living Edit का पुणे एडिशन जारी किया। यह शहर-दर-शहर की स्टडी का हिस्सा है, जिसमें पैसे वाले घर खरीदारों की ख्वाहिशें, रहन-सहन की पसंद और रिहायशी प्राथमिकताएं टटोली गई हैं। इससे पता चलता है कि लग्जरी हाउसिंग का मतलब किस तरह बदल रहा है।
स्टडी के मुताबिक पुणे जैसे-जैसे स्मार्ट सिटी के तौर पर आगे बढ़ रहा है, परखकर खरीदने वाले लोग सोच-समझकर बने घर चाहते हैं। ऐसे घर, जिनमें आराम हो, काम की सहूलियत हो, खास होने का एहसास हो और अपनी पसंद जताने की गुंजाइश हो।
सबसे पहले सेहत की बात। स्टडी में शामिल करीब 74% लोग वेलनेस सुविधाओं को जरूरी मानते हैं। 78% योग और ध्यान के लिए अलग जगह चाहते हैं, जबकि 72% हरियाली भरे माहौल को तरजीह देते हैं। यानी बगीचे, वेलनेस टैरेस और खुली जगहों की पसंद बढ़ रही है, जो तन और मन दोनों के लिए अच्छी हैं।
घर के बाहर की जगहें भी अब घर का ही हिस्सा बनती जा रही हैं। 76% लोगों को बड़ी बालकनी पसंद है, जहां आराम से बैठा जा सके और मेलजोल हो सके। 66% निजी बगीचा चाहते हैं और 65% रूफटॉप सुविधाएं, जो कुदरत के करीब रहने की बढ़ती चाह को दिखाता है।
लोग ऐसी रिहायशी सोसाइटी भी ढूंढ रहे हैं, जो सिर्फ आरामदेह घर से कहीं ज्यादा दे। करीब 68% जीवंत कम्युनिटी माहौल की कद्र करते हैं, 67% लाइफस्टाइल सुविधाओं को पहले रखते हैं और 70% को सुविधाजनक, अच्छी तरह प्लान की गई पार्किंग चाहिए।
सेहतमंद जिंदगी का असर रोजमर्रा के डिजाइन पर भी दिखता है। जहां 74% वेलनेस सुविधाओं को अहम मानते हैं, वहीं 71% कसरत जैसी शारीरिक गतिविधियों के लिए खुली जगह पसंद करते हैं और 67% खेलकूद के लिए रिक्रिएशन जोन चाहते हैं। साइकिल चलाने, टहलने, एक्सरसाइज और फुर्सत के पल बिताने वाली जगहें आज के घरों का जरूरी हिस्सा बन रही हैं।
टेक्नोलॉजी भी घर को समझदार और आसान बना रही है। करीब 60% लोग स्मार्ट-होम फीचर्स चाहते हैं, 57% उन्नत टेक्नोलॉजी के मेल को अहमियत देते हैं और 54% लाइटिंग, सिक्योरिटी व क्लाइमेट कंट्रोल वाले होम ऑटोमेशन समाधान चाहते हैं।
टिकाऊ जीवनशैली अब अतिरिक्त खूबी से बढ़कर बुनियादी उम्मीद बनती जा रही है। लगभग 64% लोग अपने घर में टिकाऊ फीचर्स को प्राथमिकता देते हैं और 54% इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग की सुविधा की उम्मीद रखते हैं। 50% के लिए तो टिकाऊपन ही लग्जरी का नया पैमाना है।
बड़े घरों की चाहत बदलती जरूरतों को दिखाती है। 38% चार बेडरूम वाले घर पसंद करते हैं और 43% की दिलचस्पी विला या बंगले में है। करीब 31% के हिसाब से 2,100 से 3,000 वर्ग फुट के बीच का घर खुला-खुला रहने की परिभाषा है, जबकि 22% इससे भी बड़ी जगह की ख्वाहिश रखते हैं।
किचन अब सिर्फ खाना पकाने की जगह नहीं रहा, वह मेलजोल और मेहमानवाजी की जगह बन रहा है। करीब 41% आइलैंड किचन पसंद करते हैं, 38% खुला किचन लेआउट चाहते हैं और 23% अलग ड्राई किचन चुनते हैं।
प्राइवेसी और आसान पहुंच भी प्रीमियम घरों की पहचान बन रही है। 64% के लिए निजी लिफ्ट प्राथमिकता है और उनमें से 43% इस सुविधा के लिए अलग से पैसे देने को तैयार हैं। इसके अलावा 58% अपनी पसंद और जीवनशैली के हिसाब से घर को अपने ढंग से बनवाना चाहते हैं।
अपने मुताबिक घर बनाने की यही चाह बेयर-शेल और निर्माणाधीन प्रॉपर्टी में बढ़ती दिलचस्पी से भी दिखती है। करीब 34% लोग ये विकल्प पसंद करते हैं, क्योंकि इनमें अपनी रुचि और जरूरत के हिसाब से घर डिजाइन करने की छूट मिलती है।
पुणे रहने की जगह के साथ-साथ निवेश के बाजार के तौर पर भी खरीदारों को खींच रहा है। करीब 79% लोगों ने शहर में दोबारा निवेश करने की तैयारी जताई, जबकि 40% घर को मुख्य रूप से निवेश के लिए खरीदने की सोचते हैं।
डिजाइन में सादगी का चलन बढ़ रहा है। लोग बिखराव से मुक्त, काम के और सोच-समझकर बने इंटीरियर की ओर जा रहे हैं। करीब 74% आधुनिक मिनिमलिस्ट डिजाइन पसंद करते हैं और 58% चाहते हैं कि वे अपनी जीवनशैली के हिसाब से घर में बदलाव कर सकें।
The Elevated Living Edit के नतीजे बताते हैं कि पुणे के रिहायशी बाजार में लग्जरी की परिभाषा बदल रही है। खास होने के पुराने पैमानों से आगे आज के प्रीमियम घर वेलनेस, टिकाऊपन, समझदार टेक्नोलॉजी, खुली जगह और अपनी पसंद से पहचाने जा रहे हैं। उभरती चाहत ऐसा माहौल बनाने की है, जिसमें आराम, अपनापन और सेहत का संतुलन हो और जो कल की जरूरतों के हिसाब से ढल भी सके।
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