पानी की किल्लत का डर: पुणे की मेयर ने हर वार्ड में 24 घंटे हेल्पलाइन और जल्द लीकेज मरम्मत मांगी
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मेयर मंजुषा नागपुरे ने PMC से सभी 15 वार्ड ऑफिस में वाटर शॉर्टेज कंट्रोल रूम बनाने और शिकायतों पर 24 घंटे में कार्रवाई करने को कहा है।
पुणे के पानी के भंडार को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऐसे में मेयर मंजुषा नागपुरे ने पुणे महानगरपालिका (PMC) से कहा है कि वह पूरे शहर में निगरानी और कार्रवाई का अपना सिस्टम मजबूत करे। उन्होंने सुझाव दिया है कि शहर के सभी 15 वार्ड ऑफिस में पानी की किल्लत के लिए अलग कंट्रोल रूम बने, जिसमें चौबीसों घंटे स्टाफ रहे और शिकायतों पर तेजी से कार्रवाई हो।
मेयर नागपुरे ने गुरुवार को निगम आयुक्त नवल किशोर राम को एक चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने पानी की बर्बादी रोकने, अवैध कनेक्शनों से निपटने और वितरण नेटवर्क को बेहतर करने के उपाय करने को कहा है। साथ ही प्रशासन ने जो कदम उठाए हैं, उनकी रिपोर्ट उन्होंने तीन दिन के अंदर मांगी है।
इस प्रस्ताव में वार्ड ऑफिस को शहर की जल प्रबंधन व्यवस्था के केंद्र में रखा गया है। जलापूर्ति, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभाग का स्टाफ शिफ्टों में काम कर सकता है, ताकि ऑफिस के आम समय के बाद भी लोकल शिकायतों और सप्लाई की दिक्कतों पर नजर रखी जा सके।
लोगों को अपने वार्ड की हेल्पलाइन और WhatsApp की सुविधा भी मिलेगी। इन पर वे सप्लाई रुकने, पाइपलाइन लीक होने और पानी के टैंकर की जरूरत जैसी समस्याएं बता सकेंगे। नगर प्रशासन से कहा गया है कि वह शिकायतों पर 24 घंटे के अंदर ध्यान दे।
नागपुरे ने ऐसा वितरण प्लान बनाने को कहा है जो बांधों में मौजूद पानी के हिसाब से बदला जा सके। सप्लाई नेटवर्क में फर्क को ध्यान में रखकर शेड्यूल बने, ताकि आखिरी छोर पर बसे इलाकों को कम पानी न मिले और बाकी मोहल्लों में नियमित सप्लाई चलती रहे।
वितरण सिस्टम के अंदर होने वाला नुकसान रोकना भी एक बड़ी प्राथमिकता है। मेयर ने ऐसी टीमें बनाने का प्रस्ताव दिया है जो बड़ी पाइपलाइन, मोहल्ले के कनेक्शन और स्टोरेज टैंक में खराबी आने पर पहुंच सकें। इनका काम लीकेज पहचानना और बिना देरी मरम्मत करवाना होगा।
PMC से यह भी कहा गया है कि जिन कामों में पीने लायक पानी की जरूरत नहीं है, उनमें साफ किए हुए पीने के पानी के इस्तेमाल पर सख्ती करे। इनमें गाड़ियां धोना, निर्माण कार्य, स्विमिंग पूल भरना, निजी बगीचे और लॉन की देखभाल और सड़कों की सफाई शामिल हैं।
प्रस्तावित पाबंदियों के साथ उल्लंघन करने पर जुर्माना या सप्लाई काटने की कार्रवाई भी जुड़ सकती है। अवैध पानी कनेक्शनों और टाली जा सकने वाली बर्बादी पर कार्रवाई भी मेयर के निर्देशों में शामिल है।
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