शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026

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पुणे में पानी की बर्बादी पर 10,000 रुपये जुर्माना, तीसरी बार पर आपराधिक कार्रवाई

पुणे में पानी की बर्बादी पर 10,000 रुपये जुर्माना, तीसरी बार पर आपराधिक कार्रवाई तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पुणे महानगरपालिका ने सूखे के हालात में पीने के पानी के गलत इस्तेमाल पर सख्त जुर्माने तय किए हैं।

पुणे में अब पीने के पानी से गाड़ी धोना, निजी बगीचे को सींचना, स्विमिंग पूल भरना या निर्माण का काम करना महंगा पड़ सकता है। पुणे महानगरपालिका (PMC) ने सूखे के हालात में पानी की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंता के बीच सख्ती बढ़ा दी है। ऐसे मामलों में शहर के लोगों और कारोबारियों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।

स्थायी समिति के अध्यक्ष श्रीनाथ भिमाले ने गुरुवार को बताया कि बार-बार नियम तोड़ने वालों पर और कड़ी कार्रवाई होगी। जो लोग दो बार जुर्माना भरने के बाद तीसरी बार भी पाबंदियों की अनदेखी करते मिले, उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही हो सकती है।

अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त पवनीत कौर ने इस बारे में प्रवर्तन आदेश जारी किया है। इसमें जल आपूर्ति, उद्यान, बिल्डिंग परमिशन, निर्माण विकास और सड़क विभागों के साथ वार्ड ऑफिसों को निर्देश दिया गया है कि वे नियमों के पालन पर नजर रखें।

गाड़ी धोने के सार्वजनिक और निजी, दोनों तरह के सेंटरों को पानी कटौती के दौरान काम बंद रखना होगा। कटौती के वक्त चलते पाए गए सेंटर पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। जो संचालक अपने बोरवेल या कुएं का पानी इस्तेमाल करते हैं, उन्हें रविवार, मंगलवार और गुरुवार को काम करने की इजाजत रहेगी।

PMC की तरफ से सप्लाई होने वाले पीने के पानी से स्विमिंग पूल भरने या निजी बगीचे की देखभाल करने पर भी हर उल्लंघन के लिए 10,000 रुपये का जुर्माना होगा।

निर्माण कंपनियों और ठेकेदारों पर भी रोक लगी है। वे इमारतों के प्रोजेक्ट, सड़क के काम और रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) बनाने में महानगरपालिका का पीने का पानी नहीं ले सकेंगे। उन्हें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का साफ किया हुआ पानी लाना होगा या निजी बोरवेल और कुओं का पानी इस्तेमाल करना होगा। नियम तोड़ने पर 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा और PMC निर्माण का काम रोकने का आदेश भी दे सकती है।

अवैध नल कनेक्शन पर 5,000 रुपये का जुर्माना तय किया गया है। महानगरपालिका ने ऐसे कनेक्शन तुरंत काट देने का अधिकार भी अपने पास रखा है।

पानी की बर्बादी स्टोरेज और सप्लाई के गलत तरीकों से भी होती है, और पाबंदियां उस पर भी लागू हैं। ऊपर की टंकी ओवरफ्लो होने देने वाली हाउसिंग सोसायटियों पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। पानी ले जाते वक्त लीक करते पाए गए टैंकरों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

जिन हाउसिंग सोसायटियों के STP बंद पड़े हैं, उन्हें PMC नोटिस भेजकर प्लांट फिर चालू करने को कहेगी। साफ किए गए गंदे पानी का इस्तेमाल बगीचे और टॉयलेट फ्लश जैसे कामों में हो सकता है, ताकि पीने के पानी पर निर्भरता घटे। प्रशासन सोसायटियों को स्टोरेज टंकियों में ऑटोमैटिक फ्लोट वाल्व लगाने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा, जिससे टंकी छलकने से होने वाली फिजूल बर्बादी रुके।

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