पुणे में पानी की बर्बादी पर 10,000 रुपये तक जुर्माना, तीसरी बार पर आपराधिक केस
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पुणे महानगरपालिका ने पानी की किल्लत के बीच पीने के पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त नियम लागू किए हैं।
पुणे, 29 अक्टूबर 2026: पानी की किल्लत की चिंता के बीच पुणे महानगरपालिका (PMC) ने पीने के पानी की बर्बादी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। पानी कटौती के दौरान निर्माण कामों, स्विमिंग पूल और निजी बगीचों में पीने के पानी का इस्तेमाल बंद कर दिया गया है। वाहन धोने वाले सेंटरों पर भी पाबंदी लगेगी।
स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन श्रीनाथ भिमाले ने बताया कि पहली दो बार नियम तोड़ने पर जुर्माना लगेगा, जबकि तीसरी बार उल्लंघन होने पर आपराधिक केस दर्ज किया जाएगा।
ये उपाय अनधिकृत पानी कनेक्शन, लीक करने वाले पानी के टैंकर और ओवरफ्लो होने वाली पानी की टंकियों पर भी लागू होंगे। कुछ उल्लंघनों पर 10,000 रुपये तक जुर्माना लगेगा, जबकि अनधिकृत कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त पवनीत कौर ने इस बारे में आधिकारिक आदेश जारी किया है। इसमें PMC के अलग-अलग विभागों को उपाय लागू करने और शहर के उपलब्ध पानी का ठीक से इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जल आपूर्ति विभाग, वार्ड ऑफिस, गार्डन विभाग, बिल्डिंग डेवलपमेंट विभाग, बिल्डिंग डिज़ाइन विभाग और रोड विभाग को अमल की जिम्मेदारी दी गई है। हर विभाग को एक नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा, जो नियमों के पालन पर नजर रखेगा और हर महीने की 15 तारीख तक जल आपूर्ति विभाग को की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देगा।
वाहन धोने के सभी सरकारी और निजी सेंटर पानी कटौती के दौरान बंद रखने होंगे। आदेश के खिलाफ चलते पाए गए सेंटरों पर 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा। हालांकि जो सेंटर निजी बोरवेल या कुएं के पानी का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें रविवार, मंगलवार और गुरुवार को चलाने की इजाजत होगी।
सरकारी और निजी स्विमिंग पूल तथा निजी बगीचों में पीने के पानी का इस्तेमाल भी मना है। ऐसा करने वालों पर 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा।
इमारत निर्माण, सड़क के काम और रेडी-मिक्स कंक्रीट (RMC) प्रोजेक्ट में PMC के पीने के पानी की सप्लाई का इस्तेमाल मना कर दिया गया है। ठेकेदारों को इन कामों के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का ट्रीटेड पानी या बोरवेल और कुओं का पानी इस्तेमाल करना होगा। नियम तोड़ने वाले ठेकेदारों पर 10,000 रुपये जुर्माना लगेगा और महानगरपालिका संबंधित निर्माण काम रोकने का आदेश भी दे सकती है।
अनधिकृत पानी कनेक्शन तुरंत काटे जाएंगे और 5,000 रुपये जुर्माना लगेगा। ऐसे कनेक्शन का उल्लंघन दोबारा होने पर कानूनी कार्रवाई होगी। पानी की टंकी ओवरफ्लो हुई तो 1,000 रुपये जुर्माना लगेगा, जबकि टैंकर से पानी लीक होने पर टैंकर चलाने वालों पर 10,000 रुपये का जुर्माना होगा। अधिकारियों को पाइपलाइन की लीकेज जल्दी ठीक कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
महानगरपालिका निजी हाउसिंग सोसायटियों को नोटिस जारी कर बंद पड़े सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट फिर चालू करने को कहेगी। सोसायटियों को सलाह दी जाएगी कि बगीचे और टॉयलेट फ्लश के लिए पीने के पानी की जगह ट्रीटेड पानी इस्तेमाल करें। PMC जागरूकता अभियान भी चलाएगी, ताकि सोसायटियां ओवरफ्लो रोकने के लिए टंकियों में ऑटोमैटिक फ्लोट वाल्व लगवाएं।
आदेश में यह भी चेतावनी है कि इन उपायों को लागू करने में लापरवाही करने वाले PMC के अधिकारियों और कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। घोषित नीति के मुताबिक दो बार कार्रवाई के बाद तीसरी बार उल्लंघन होने पर आपराधिक केस दर्ज होगा।
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