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पुणे में 13 फीसदी पानी कटौती काफी, 20 फीसदी की जरूरत नहीं: सजग नागरिक मंच

सजग नागरिक मंच के अध्यक्ष विवेक वेलणकर ने कहा है कि पुणे में मौजूदा 13 फीसदी पानी कटौती काफी है और इसे 20 फीसदी करने की जरूरत नहीं है।

पुणे में 13 फीसदी पानी कटौती काफी, 20 फीसदी की जरूरत नहीं: सजग नागरिक मंच तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

पुणे, 26 अक्टूबर 2026: सजग नागरिक मंच के अध्यक्ष विवेक वेलणकर का कहना है कि पुणे शहर में अभी जो 13 फीसदी पानी कटौती चल रही है, वही काफी है। उसे बढ़ाकर 20 फीसदी करने की कोई जरूरत नहीं है। वेलणकर ने खडकवासला बांध प्रणाली में मौजूद पानी के स्टॉक और आने वाले महीनों में शहर की जरूरत का हवाला देते हुए पानी पर सख्ती बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया है।

इस मुद्दे पर 28 अक्टूबर को जल संसाधन विभाग और सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है। बताया गया है कि 20 फीसदी कटौती का प्रस्ताव जिला कलेक्टर की ओर से आया था। इसके बाद नागरिक संगठन ने पानी के उपलब्ध स्टॉक और पुणे की जरूरत का अपना आकलन सामने रखा है।

वेलणकर के बताए आंकड़ों के मुताबिक 15 अक्टूबर 2026 तक खडकवासला बांध प्रणाली में 25.66 TMC पानी था। अगर कोई कटौती न की जाए तो पुणे महानगरपालिका (PMC) को हर महीने करीब 1.6 TMC पानी चाहिए। इस हिसाब से 15 अक्टूबर 2026 से 31 अगस्त 2027 के बीच शहर को लगभग 17.40 TMC पानी लगेगा।

लेकिन हर गुरुवार को पानी की सप्लाई बंद रखने की जो मौजूदा व्यवस्था है, उसे जारी रखने पर करीब 13 फीसदी की बचत होती है। तब इसी अवधि में पुणे की जरूरत घटकर लगभग 15 TMC रह जाती है।

पुणे के लिए 15 TMC अलग रखने के बाद बांध प्रणाली में करीब 10.66 TMC पानी बचेगा। संगठन के आकलन के मुताबिक भाप बनकर उड़ने से होने वाले अनुमानित तीन TMC के नुकसान को निकाल दें, तब भी लगभग 7.66 TMC पानी दौंड-इंदापुर इलाके में सिंचाई और पीने के पानी के जलाशय भरने के लिए बच सकता है।

वेलणकर ने यह भी कहा कि रबी सीजन, उसके बाद के सिंचाई आवर्तनों और हर साल होने वाली आषाढ़ी वारी के लिए भी पानी का इंतजाम किया जा सकता है। इसके अलावा मुंढवा जैकवेल से बेबी कैनाल के जरिए खेती के लिए करीब पांच TMC पानी दिया जा सकता है।

इसी आधार पर सजग नागरिक मंच ने मांग की है कि मौजूदा 13 फीसदी कटौती 31 अगस्त 2027 तक जारी रखी जाए और उसके ऊपर कोई और पाबंदी न लगाई जाए। संगठन का मानना है कि जो स्टोरेज मौजूद है, उससे पुणे की जरूरत पूरी हो सकती है और दूसरी जरूरी जरूरतों के लिए भी पानी रखा जा सकता है।

समान पानी सप्लाई योजना पर श्वेतपत्र की मांग

पानी कटौती बढ़ाने के विरोध के साथ ही सजग नागरिक मंच ने मांग की है कि PMC समान पानी सप्लाई योजना के नतीजों पर श्वेतपत्र जारी करे।

वेलणकर के मुताबिक पिछले पांच साल में इस योजना पर करीब 2,000 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। इसका मकसद पानी का रिसाव कम करना और पूरे शहर में पानी का बराबर बंटवारा पक्का करना था।

संगठन ने योजना की असल उपलब्धियों का ब्योरा मांगा है। वह जानना चाहता है कि पानी का रिसाव कितना घटा है और क्या पुणे के अलग-अलग हिस्सों में रहने वालों को बराबर पानी मिल रहा है।

28 अक्टूबर की बैठक पुणे की पानी सप्लाई पर पाबंदियों को लेकर आगे का रास्ता तय करने में अहम मानी जा रही है। सजग नागरिक मंच अपनी बात पर कायम है कि मौजूदा स्टॉक और अनुमानित मांग के आकलन को देखते हुए 13 फीसदी की कटौती चलती रहे और ज्यादा कटौती की जरूरत नहीं है।

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