शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

पुणे में PMC और PMPML को बाजार से महंगा डीजल, कदम का आरोप: सालाना करीब 15 करोड़ का बोझ

पुणे में PMC और PMPML को बाजार से महंगा डीजल, कदम का आरोप: सालाना करीब 15 करोड़ का बोझ तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

कांग्रेस के दल नेता चंदूशेठ कदम ने स्थायी समिति को प्रस्ताव देकर आरोप लगाया है कि PMC और PMPML बाजार भाव से ज्यादा दाम पर डीजल खरीद रहे हैं।

पुणे महानगरपालिका (PMC) और पुणे महानगर परिवहन महामंडल लिमिटेड (PMPML) पर आरोप लगा है कि वे डीजल के लिए बाजार भाव से काफी ज्यादा पैसे दे रहे हैं। कांग्रेस के दल नेता और पार्षद एडवोकेट रामचंद्र उर्फ चंदूशेठ कदम ने PMC की स्थायी समिति को एक प्रस्ताव दिया है। उनका आरोप है कि सिर्फ दाम के इस फर्क की वजह से महानगरपालिका पर हर साल करीब 15 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

प्रस्ताव में मांग है कि हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) PMC और PMPML की गाड़ियों के लिए जो ईंधन दर लगाता है, उसकी जांच हो। साथ ही महापालिका आयुक्त के जरिए राज्य सरकार दखल दे, ताकि दोनों संस्थाएं डीजल और पेट्रोल बाजार भाव पर खरीद सकें। PMC अपने मोटर वाहन विभाग और दूसरे विभागों की गाड़ियों के लिए बड़ी मात्रा में ईंधन खरीदती है। इनमें कचरा ढोने वाली गाड़ियां, फायर इंजन, एक्सकेवेटर, अर्थ मूवर, जनरेटर और दूसरी मशीनें शामिल हैं। PMPML को भी अपनी डीजल बसों और अलग-अलग डिपो से चलने वाली दूसरी गाड़ियों के लिए ईंधन चाहिए।

प्रस्ताव के मुताबिक बाजार में जो डीजल 99 रुपये प्रति लीटर मिलता है, उसे PMC 159 रुपये प्रति लीटर में खरीद रही है। प्रस्ताव का दावा है कि इस अतिरिक्त बोझ की वजह जिलाधिकारी का जारी किया एक आदेश है। हालांकि बताए गए दाम और आदेश की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

प्रस्ताव में कहा गया है कि PMC का मोटर वाहन विभाग रोज 8,000 लीटर डीजल खरीदता है। महीने के 26 दिन के हिसाब से यह 2.08 लाख लीटर होता है। 59 रुपये प्रति लीटर का फर्क मानें तो अतिरिक्त खर्च महीने का 1.22 करोड़ रुपये और साल का करीब 14.73 करोड़ रुपये बैठता है।

प्रस्ताव यह भी कहता है कि जांच हो कि किन कानूनी और प्रशासनिक प्रावधानों के तहत कमर्शियल या निजी संस्थाओं पर लागू ईंधन दर और वर्गीकरण PMC और PMPML पर लगाया जा रहा है। इसमें याद दिलाया गया है कि PMC स्थानीय स्वशासन संस्था है, जबकि PMPML सार्वजनिक यात्री परिवहन सेवा देती है।

कदम का आरोप है कि PMC का वाहन डिपो अव्यवस्थित कामकाज के लिए बदनाम हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाजार में डीजल 99 रुपये लीटर है, तो महानगरपालिका 159 रुपये क्यों दे रही है।

कदम ने कहा, "PMC का वाहन डिपो अपने अस्त-व्यस्त कामकाज के लिए बहुत बदनाम हो गया है। बाजार में 99 रुपये प्रति लीटर मिलने वाला डीजल PMC प्रशासन 159 रुपये प्रति लीटर में खरीद रहा है। HPCL कॉर्पोरेट कंपनियों को बिना सब्सिडी के डीजल देता है, लेकिन पुणे महानगरपालिका तो टैक्स के पैसे से नागरिकों को सेवाएं देती है। यह स्थानीय स्वशासन संस्था है, कोई कॉर्पोरेट या मल्टीनेशनल कंपनी नहीं।"

कदम ने आगे कहा, "थोक में डीजल खरीदने के नियम PMC पर लागू न हों, इसके लिए राज्य और केंद्र के स्तर पर कोशिश हो सकती थी, पर सत्ताधारी पार्टियां इसमें नाकाम रहीं। दुर्भाग्य की बात है कि डीजल के दाम बर्दाश्त के लायक नहीं बताकर PMC अपनी मशीनों की जगह किराए की मशीनें इस्तेमाल कर रही है। महापालिका आयुक्त के स्तर पर कोशिश होनी चाहिए कि PMC को वाजिब दाम पर डीजल मिले। इस मामले में कांग्रेस पार्टी कोर्ट जाएगी।"

#पुणे#शहर#PT24#Civic#Pune

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे