पुणे: पानी की किल्लत की आशंका, महापौर ने सभी 15 वार्ड ऑफिस में 24 घंटे कंट्रोल रूम के निर्देश दिए
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शहर में पानी की कमी की आशंका को देखते हुए महापौर मंजुषा नागपुरे ने पुणे महानगरपालिका को सभी 15 वार्ड ऑफिस में कंट्रोल रूम बनाने को कहा है।
पुणे, 30 अक्टूबर 2026: शहर में पानी की कमी की आशंका को देखते हुए महापौर मंजुषा नागपुरे ने पुणे महानगरपालिका (PMC) को निर्देश दिए हैं कि सभी 15 वार्ड ऑफिस में पानी की किल्लत और आपदा प्रबंधन के लिए अलग से कंट्रोल रूम बनाए जाएं। इनका मकसद पानी की सप्लाई पर बारीकी से नजर रखना, लीकेज रोकना और पानी की चोरी पर लगाम लगाना है।
इन कंट्रोल रूम में जलापूर्ति, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन विभागों के अधिकारी और कर्मचारी चौबीसों घंटे काम करेंगे। उन्हें यह भी कहा गया है कि पानी की सप्लाई, लीकेज और टैंकर की मांग से जुड़ी नागरिकों की शिकायतें 24 घंटे के अंदर सुलझाई जाएं।
नागपुरे ने प्रशासन से कहा है कि शहर को पानी देने वाले बांधों में सीमित स्टॉक है, इसलिए पानी की हर बूंद बचाने के लिए तुरंत कदम उठाए जाएं।
हर वार्ड ऑफिस को 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन और व्हाट्सऐप पर आधारित शिकायत निवारण व्यवस्था चलाने को कहा गया है। मुख्य पाइपलाइन, वितरण नेटवर्क और पानी की टंकियों में लीकेज का पता लगाने के लिए खास टीमें तैनात की जाएंगी। प्रशासन से यह भी कहा गया है कि बिना इजाजत लिए गए नल कनेक्शन और पानी की चोरी के खिलाफ सख्ती की जाए।
महापौर ने यह भी मांग की है कि गाड़ियां धोने, निजी निर्माण कामों, स्विमिंग पूल, बगीचों और सड़कों की सफाई में पीने के पानी के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जाए। निर्देशों में कहा गया है कि नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगे और उनका पानी कनेक्शन काट दिया जाए।
PMC से यह भी कहा गया है कि पानी की किल्लत वाले इलाकों में मुफ्त पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाएं, निजी टैंकर चलाने वालों के रेट पर नियंत्रण रखा जाए और पानी की कालाबाजारी रोकी जाए।
नागपुरे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहर के सबसे दूर के इलाकों समेत हर जगह बराबर और पर्याप्त पानी पहुंचे। प्रशासन को इन सभी उपायों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट तीन दिन के अंदर महापौर कार्यालय को सौंपनी होगी।
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