विसापूर टोल नाके के पास तेंदुए ने 9 साल के बच्चे को उठाया, ताली बजाकर बचाई जान
बल्लारपुर के विसापूर टोल नाके के पास तेंदुए के हमले में 9 साल का कार्तिक जख्मी हुआ। झाड़ी से आई ताली की आवाज पर लोग पहुंचे और उसे जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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चंद्रपुर: बल्लारपुर के विसापूर टोल नाके के पास शनिवार रात तेंदुए ने 9 साल के कार्तिक पर हमला कर दिया। तेंदुआ उसे उठाकर ले गया, लेकिन कार्तिक की जान बाल-बाल बच गई। वह माता महाकाली के दर्शन के लिए पैदल निकले अपने परिवार के साथ था। चश्मदीदों के मुताबिक तेंदुए ने उसे उठा लिया था। करीब एक घंटे बाद झाड़ी से ताली बजने की आवाज आई। लोगों ने जाकर देखा तो जख्मी कार्तिक वहीं मिला। उसे जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है और अभी उसका इलाज चल रहा है।
कहा जा रहा है कि बड़ी से बड़ी मुसीबत में भी घबराए बिना हिम्मत से मुकाबला किया जाए तो मौत के मुंह से भी निकला जा सकता है। बल्लारपुर में यह बात सच साबित हुई। तेंदुए के अचानक हुए हमले में उसके जबड़े में फंसे 9 साल के बच्चे ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाई। दिल दहला देने वाली यह घटना बड़े हादसे में नहीं बदली, पर बच्चा जख्मी हो गया। गंभीर रूप से घायल इस बच्चे का इलाज अभी जिला सामान्य अस्पताल में चल रहा है।
नवरात्रि के मौके पर चंद्रपुर की आराध्य देवी माता महाकाली के दर्शन के लिए अलग-अलग जिलों और राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त आते हैं। कई लोग श्रद्धा से पैदल सफर करके चंद्रपुर पहुंचते हैं। कार्तिक संजय जाधव हैदराबाद से बल्लारपुर में अपनी बुआ के यहां आया था। 17 अक्टूबर को रात करीब 10 बजे वह बुआ और परिवार के बाकी लोगों के साथ बल्लारपुर से पैदल निकला था।
सब लोग विसापूर टोल नाके के पास पहुंचे ही थे कि अंधेरे में छिपकर बैठे तेंदुए ने अचानक कार्तिक पर जानलेवा हमला कर दिया। उसने बच्चे को जबड़े में पकड़ा और उठाकर ले गया।
अचानक हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। मौजूद लोग फौरन दौड़े और तेंदुए का पीछा करते हुए शोर मचाने लगे। थोड़ी ही देर में वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। लोगों और प्रशासन ने मिलकर आसपास के इलाके में तलाश की, पर अंधेरे की वजह से कार्तिक का पता नहीं चला।
घटना के 1 से 2 घंटे बाद मौके से कुछ दूरी पर एक घनी झाड़ी से लोगों को ताली बजने की आवाज सुनाई दी। पहले लोगों को लगा कि कोई मजाक कर रहा है। लेकिन ताली लगातार बजती रही तो शक हुआ और लोग उसी आवाज की तरफ दौड़ पड़े।
झाड़ी में जाकर देखा तो कार्तिक खून से लथपथ पड़ा था। तेंदुए के हमले में उसके गले और गर्दन पर गहरी चोट आई थी, जिससे वह न बोल पा रहा था और न जोर से चिल्ला पा रहा था। इतनी तकलीफ और मुश्किल हालत में भी उसने घबराए बिना अपनी जान बचाने के लिए ताली बजाकर लोगों का ध्यान खींचने की कोशिश की थी।
खून में सने कार्तिक को लोगों ने फौरन झाड़ी से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया। उसका इलाज चल रहा है। इस खौफनाक घटना में नन्हे कार्तिक की हिम्मत और सूझबूझ की पूरे इलाके में तारीफ हो रही है। इस घटना से विसापूर और बल्लारपुर इलाके के लोगों में डर का माहौल है। लोग मांग कर रहे हैं कि वन विभाग तुरंत तेंदुए का बंदोबस्त करे।