विहीरगांव में रात को बोअरवेल से पानी निकालने का आरोप, किसानों ने तहसीलदार को दी शिकायत
गोंडपिपरी तालुका के विहीरगांव के किसानों ने परमपूज्य शेषराव महाराज व्यसनमुक्ति मंदिर के बोअरवेल से रात में चोरी-छिपे पानी निकालने का आरोप लगाया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गोंडपिपरी तालुका के विहीरगांव में परमपूज्य शेषराव महाराज व्यसनमुक्ति मंदिर के बोअरवेल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि इस बोअरवेल से रात के वक्त चोरी-छिपे पानी निकाला जा रहा है और उससे खेतों की फसलों को पानी दिया जा रहा है। गांव के किसानों और नागरिकों ने इस बारे में तहसीलदार, गोंडपिपरी को लिखित शिकायत दी है।
शिकायत देने वालों का कहना है कि इलाके में पानी की किल्लत चल रही है और अपनी फसलों को पानी देने के लिए किसानों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ऐसे में मंदिर परिसर के बोअरवेल से रात के समय पानी खींचकर खेती में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया है।
किसानों को डर है कि इससे आसपास के किसानों के बोअरवेल का जलस्तर नीचे चला जाएगा और फसलों को नुकसान होगा। भूजल स्तर पर भी असर पड़ने की आशंका जताई गई है। जो किसान पहले से पानी की समस्या झेल रहे हैं, उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
शिकायत में कहा गया है कि इस बोअरवेल के इस्तेमाल की इजाजत देते वक्त जो शर्तें लगाई गई थीं, उनका पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच जरूरी है। मांग की गई है कि पानी निकालने का तरीका, उसके लिए ली गई इजाजत और पानी के असली इस्तेमाल की प्रशासनिक स्तर पर पड़ताल की जाए।
शिकायत करने वालों ने खास तौर पर रात में पानी निकालने के आरोप की मौके पर जाकर जांच करने और सच्चाई सामने लाने की बात रखी है। तहसीलदार को शिकायत सौंपते वक्त परमपूज्य शेषराव महाराज व्यसनमुक्त संगठन के संचालक आनंदराव झाडे, एस. वी. ढोक, संजय पोतराजवार, यादव झाडे, दशरथ और गांव के कई किसान मौजूद थे।
शिकायत में मंदिर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। पूछा गया है कि क्या इस बोअरवेल से पानी निकालने की इजाजत है, पानी किस काम के लिए इस्तेमाल हो रहा है और क्या इससे जुड़े नियमों का पालन हो रहा है। इन बातों की जांच की मांग की गई है।
हालांकि ये अभी शिकायत में लगाए गए आरोप हैं। इनकी आधिकारिक जांच होकर सच्चाई सामने आना जरूरी है। संबंधित प्रशासन का पक्ष और आधिकारिक रिकॉर्ड देखने के बाद ही इस मामले में जिम्मेदारी तय हो सकती है।
विहीरगांव के किसानों और नागरिकों ने यह लिखित शिकायत 19 ऑक्टोबर 2026 को तहसीलदार, गोंडपिपरी को सौंपी। इसमें कथित तौर पर बोअरवेल से हो रहे पानी उपसे की जांच करने और नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधितों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
अब विहीरगांव के किसानों और नागरिकों की नजर इस पर है कि तहसील प्रशासन शिकायत पर ध्यान देकर मौके पर जांच करेगा या नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि पानी निकालने के नियमों और इजाजत की शर्तों का उल्लंघन मिला तो क्या कार्रवाई होगी।