विदेश में पढ़ाई का सपना है? स्कॉलरशिप पाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
विदेश की यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप कैसे मिले, प्रोफाइल, कागजात और डेडलाइन को लेकर जरूरी बातें।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
हर साल कई नौजवान विदेश की बेहतरीन यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करते हैं। लेकिन भारी फीस और रहने-खाने के महंगे खर्च की वजह से बहुत से लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। दुनिया भर की यूनिवर्सिटी और सरकारें काबिल स्टूडेंट्स को आर्थिक मदद देने के लिए स्कॉलरशिप देती हैं। इसीलिए आज जानते हैं कि स्कॉलरशिप कैसे मिल सकती है और लाखों की फीस बचाकर पढ़ाई कैसे पूरी की जा सकती है।
सबसे पहले प्रोफाइल की बात। स्कॉलरशिप कमेटी सबसे पहले यह देखती है कि आप बाकी उम्मीदवारों से अलग कैसे हैं। इसके लिए प्रोफाइल मजबूत करना पड़ेगा। सिर्फ किताबी कीड़ा होना काफी नहीं है। लीडरशिप स्किल्स, सोशल वर्क, इंटर्नशिप और किसी खास प्रोजेक्ट में आपका योगदान बायोडाटा में चमकना चाहिए। इसके अलावा IELTS या TOEFL जैसी भाषा की परीक्षाएं और GRE या GMAT का अच्छा स्कोर आपका दावा और मजबूत कर सकता है।
अब कागजात की बात। SOP यानी स्टेटमेंट ऑफ पर्पस में बताइए कि आप इस स्कॉलरशिप के असली हकदार क्यों हैं। LOR यानी लेटर ऑफ रिकमेंडेशन प्रोफेसर या बॉस से लिखवाया जाता है, और यह पत्र आपकी काबिलियत की गवाही देता है। अकैडमिक ट्रांसक्रिप्ट्स में पिछले सभी सालों की मार्कशीट और डिग्री आती हैं। फाइनेंशियल डॉक्यूमेंट भी चाहिए होता है, क्योंकि नीड-बेस्ड स्कॉलरशिप के लिए अक्सर इन्कम प्रूफ यानी आमदनी का सर्टिफिकेट मांगा जाता है।
डेडलाइन का खास ध्यान रखिए। ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप की आखिरी तारीख यूनिवर्सिटी के एडमिशन फॉर्म से काफी पहले खत्म हो जाती है। इसलिए आखिरी वक्त पर कागजात तैयार हों भी, तो हाथ आया मौका निकल जाता है। यूनिवर्सिटी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर सभी तारीखों का कैलेंडर बना लीजिए और वक्त से पहले अपना आवेदन जमा कर दीजिए।
पुराने स्टूडेंट्स के संपर्क में रहिए। ज्यादातर स्टूडेंट्स मशहूर और बड़ी स्कॉलरशिप के पीछे भागते हैं, मगर वहां मुकाबला ज्यादा होता है। इसलिए छोटे ट्रस्ट, फाउंडेशन और डिपार्टमेंटल ग्रांट्स भी ढूंढनी चाहिए, जिनके बारे में बहुत कम लोगों को पता होता है। इसके लिए लिंक्डइन पर जाइए या उस यूनिवर्सिटी के उन पुराने स्टूडेंट्स से बात कीजिए जो पहले से वहां पढ़ रहे हैं। उनके अनुभव से स्कॉलरशिप कमेटी की चयन प्रक्रिया समझने में मदद मिलेगी।
विदेश में स्कॉलरशिप मिलना कोई जादू नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी प्रक्रिया है। अगर कागजात तैयार हों, वक्त पर आवेदन किया जाए और अपनी यूनिक स्टोरी सही तरीके से पेश की जाए, तो स्कॉलरशिप जरूर मिलेगी।
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