ट्रोल्स को रश्मिका का जवाब: हमारे रिश्ते पर बोलने का हक किसी को नहीं
कॉफी विथ करण के बाद हुई ट्रोलिंग पर रश्मिका मंदाना ने इंस्टाग्राम पर लंबी पोस्ट लिखी और विजय देवरकोंडा के साथ अपने रिश्ते और शादी के फैसले पर बात रखी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा हाल ही में कॉफी विथ करण के सीजन 9 में साथ नजर आए थे। शो में दोनों ने अपने रिश्ते और शादी के फैसले पर खुलकर बात की थी। लेकिन शो टेलीकास्ट होने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी ट्रोल किया गया, खासकर विजय को निशाना बनाया गया।
यह सब देखकर रश्मिका चुप नहीं रह पाईं। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट लिखकर ट्रोल करने वालों को जवाब दिया। पति के बारे में बुरा बोला जाना उन्हें बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने साफ कहा कि हमारी निजी जिंदगी पर बोलने का हक किसी को नहीं है। पोस्ट के बाद उनके फैन्स ने उन्हें खूब सपोर्ट किया है।
रश्मिका ने लिखा कि वो आम तौर पर ऑनलाइन आलोचना का जवाब नहीं देतीं, क्योंकि हर किसी को अपनी राय रखने का हक है। कभी-कभी उन्हें ऐसी बातें पढ़ना और अलग नजरिया पाना अच्छा भी लगता है। पर उनके मुताबिक इस इंटरव्यू को लेकर जो हंगामा चल रहा है, वो लोगों की राय जताने से कम और किसी पर गुस्सा निकालने को तैयार भीड़ जैसा ज्यादा लगता है।
उन्होंने कहा कि बहस में यह बात छूट गई कि इस जोड़े को असल में क्या कहना था। रश्मिका के शब्दों में, रास्ते में कहीं असली मुद्दा ही खो गया। वो यह पोस्ट इसलिए लिख रही हैं क्योंकि वो प्यार में यकीन रखने वाले लोगों की हिफाजत करना चाहती हैं, और उन्हें उम्मीद है कि हर किसी को प्यार की अपनी परिभाषा मिल जाएगी। उन्होंने यह भी माना कि उनके और विजय के प्रोफाइल पर आई बेशुमार प्रतिक्रियाओं और बिन मांगी सलाह की तादाद देखकर वो हैरान रह गईं।
शो में करण जौहर ने जोड़े से पूछा था कि शादी का प्रस्ताव किसने रखा। रश्मिका ने बताया था कि एयरपोर्ट पर बैठे हुए उन्होंने ही पहली बार शादी की बात छेड़ी और विजय से कहा कि हमें शादी कर लेनी चाहिए। विजय ने उनसे "सौ बार" पूछने को कहा था, तभी वो हामी भरेंगे। रश्मिका ने बाद में बताया कि फरवरी 2026 में शादी का आखिरी फैसला लेने से पहले उन्होंने साल भर यह बात बार-बार उठाई थी।
अब पोस्ट में उन्होंने कहा कि लोगों ने उस बातचीत का मुद्दा गलत समझ लिया। उन्होंने कितनी बार पूछा या विजय ने फैसला लेने में कितना वक्त लिया, यह बात कभी अहम थी ही नहीं। रश्मिका के मुताबिक बातचीत इस बारे में थी कि विजय चाहते थे कि दोनों एक-दूसरे को समझने के लिए वक्त और जगह लें, ताकि जिंदगी के सारे उतार-चढ़ाव, खुशी और तनाव के बावजूद पक्का हो सके कि यही वो चीज है जो दोनों को चाहिए और इसके लिए यही सही वक्त है।
उन्होंने बताया कि आखिर में दोनों ने मिलकर यह फैसला किया और जिंदगी को देखने के उनके अलग-अलग नजरिए एक-दूसरे के पूरक थे। उनके शब्दों में, "हमने एक-दूसरे को चुना।" रश्मिका ने लिखा कि वो जज्बाती हैं और विजय सोचने-समझने वाले, और उनकी जिंदगी को इसी की जरूरत है। उनके लिए शादी का मतलब कभी प्रपोज करना, घुटनों पर बैठना या उंगली में अंगूठी पहनाना नहीं था। वो तो दिखावे का हिस्सा है। उनके लिए शादी का मतलब साथ मिलकर जिंदगी और भविष्य बनाना था।
रश्मिका ने यह भी लिखा कि वो अपने पति से जी-जान से प्यार करती हैं और पूछा कि यह बुरी बात कब से हो गई। उन्होंने कहा कि जिस इंसान से शादी करने जा रही हैं, अगर उससे प्यार न हो तो शादी क्यों करें। वो उनके जिंदगी भर के साथी, आम और खास दिनों के दोस्त और उनके बच्चों के पिता हैं, वही इंसान जिसके साथ वो बूढ़ी होंगी।
रश्मिका ने जोर देकर कहा कि उन्होंने और विजय ने अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर, अपनी पसंद और अपनी मेहनत से बनाई है। दोनों समझदार, काबिल बालिग हैं, जिन्हें यह चुनने की आजादी मिली है कि कैसे जीना है और किसके साथ जीना है। उन्होंने कहा कि अगर उनका प्यार किसी और की प्यार की कल्पना में फिट नहीं बैठता तो कोई बात नहीं, लोग अपनी खूबसूरत कल्पना अपनी जिंदगी में जी लें।
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