सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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व्हाट्सऐप लिंक से लाडकी बहीण की बंद किस्त शुरू होने का दावा झूठा, ठगी से बचें

सोशल मीडिया पर घूम रहे मैसेज में किस्त दोबारा चालू करने और नया आवेदन भरने के नाम पर लिंक भेजी जा रही है। सरकार ने साफ किया है कि ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई है।

व्हाट्सऐप लिंक से लाडकी बहीण की बंद किस्त शुरू होने का दावा झूठा, ठगी से बचें तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र सरकार की 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण' योजना को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर कई भ्रामक मैसेज घूम रहे हैं। व्हाट्सऐप पर एक लिंक भेजी जा रही है और दावा किया जा रहा है कि इसके जरिए योजना की बंद हो चुकी 1500 रुपये की किस्त फिर चालू हो जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि इसी लिंक से नया आवेदन भी स्वीकार किया जा रहा है।

लेकिन यह सब अफवाह है। साफ किया गया है कि सरकार की तरफ से इस तरह की कोई भी अधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए ऐसे मैसेज देखकर किसी को भी जल्दबाजी में कुछ नहीं करना चाहिए।

वायरल मैसेज में महिलाओं से कहा जा रहा है कि वे व्हाट्सऐप लिंक पर क्लिक करें और अपनी निजी जानकारी, आधार नंबर, बैंक की डिटेल या ओटीपी दे दें। साइबर ठग महिलाओं की इसी परेशानी का फायदा उठाने की तैयारी में हैं। अगर किसी ने ये जानकारी दे दी तो उसके बैंक खाते का पैसा खतरे में पड़ सकता है। प्रशासन ने अपील की है कि कोई भी अनजान लिंक खोलकर गोपनीय जानकारी शेयर न करें।

एक और दावा सोशल मीडिया पर चल रहा है कि लाडकी बहीण योजना की किस्त 1500 रुपये से बढ़ाकर 2100 रुपये कर दी गई है। मैसेज में यह भी बताया जा रहा है कि इसके लिए 5 अक्टूबर को शासन निर्णय यानी GR जारी हुआ है। सरकार के स्पष्टीकरण के मुताबिक ऐसा कोई फैसला लिया ही नहीं गया है। लाभ की रकम बढ़ाने को लेकर कोई अधिकारिक शासन निर्णय भी जारी नहीं हुआ है। महिलाएं ऐसी गुमराह करने वाली बातों पर भरोसा न करें।

कई महिलाओं को किस्त मिलने में दिक्कत आ रही है। अगर आपकी किस्त भी किसी वजह से बंद हो गई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। पहले नीचे बताई बातें चेक कर लें।

सबसे पहले सरकार की अधिकारिक वेबसाइट पर जाइए और अपने आवेदन और लाभ का स्टेटस देखिए। फिर पक्का कर लीजिए कि आपकी ई-केवायसी पूरी हो चुकी है या नहीं। यह भी देखिए कि आवेदन में कोई गलती तो नहीं है या कोई कागज देना बाकी तो नहीं है।

अफवाहों या सोशल मीडिया के मैसेज पर यकीन न करें। जरूरत पड़े तो संबंधित सरकारी दफ्तर या महिला और बाल विकास विभाग की व्यवस्था से संपर्क करें। पूरी प्रक्रिया सिर्फ सरकार की अधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद विकल्पों से ही करें, ताकि ठगी से बचा जा सके।

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