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दिवाली ऑफर के नाम पर ठगी से बचना है तो WhatsApp के इन पांच फीचर्स को चालू रखें

दिवाली के सीजन में ऑनलाइन ऑफर की बाढ़ के बीच स्कैमर भी सक्रिय हैं। WhatsApp के पांच फीचर्स असली और फर्जी मैसेज की पहचान में मदद करते हैं।

दिवाली ऑफर के नाम पर ठगी से बचना है तो WhatsApp के इन पांच फीचर्स को चालू रखें तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

भारत में दिवाली का फेस्टिव सीजन शुरू हो चुका है। ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर ऑफर और डिस्काउंट की बारिश हो रही है। स्मार्टफोन से लेकर घर के सामान तक, हर चीज पर कोई न कोई ऑफर चल रहा है। लेकिन इसी बीच स्कैमर भी अपना खेल खेल रहे हैं और लोगों को ठगने के नए-नए तरीके ढूंढ रहे हैं।

स्कैमर शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स के नाम से यूजर्स को मैसेज भेजते हैं। इन मैसेज में खतरनाक पेमेंट लिंक होता है। कई बार फोन हैक करने के लिए फेक APK फाइल का सहारा भी लिया जाता है। यूजर एक बार इनके जाल में फंस गया तो उसका बैंक अकाउंट पल भर में खाली हो सकता है।

इस तरह के स्कैम ज्यादातर WhatsApp मैसेज के जरिए किए जाते हैं। इसलिए WhatsApp चलाने वालों के लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान नंबर से आया मैसेज खोलने से पहले सावधान रहें। WhatsApp के पांच ऐसे फीचर्स हैं जिनकी मदद से आप स्कैमर से सुरक्षित रह सकते हैं।

पहला फीचर है साइलेंस अननोन कॉलर्स। अनजान नंबर से आने वाले WhatsApp कॉल से बचने के लिए इसे चालू किया जा सकता है। इसे ऑन करते ही अनजान नंबर से आए कॉल की रिंग आपको सुनाई नहीं देगी। ऐसे कॉल आपकी कॉल लिस्ट में दिखेंगे। जब आप कॉल उठाएंगे ही नहीं, तो स्कैमर आपको ठग नहीं पाएंगे। इसके लिए WhatsApp की सेटिंग में जाएं, प्राइवेसी का ऑप्शन खोलें और कॉल्स चुनें। वहां साइलेंस अननोन कॉलर्स का फीचर दिखेगा, उसे ऑन कर दें।

दूसरा फीचर कॉल उठाने से पहले दिखने वाली डिटेल्स का है। WhatsApp का दावा है कि Android यूजर्स को अब ऐसे नंबर की ज्यादा जानकारी स्क्रीन पर दिखेगी, जो उनकी फोनबुक में सेव नहीं हैं। इससे साफ पता चलेगा कि वह नंबर किसी कॉमन ग्रुप में है या नहीं, और नंबर भारत का है या नहीं। बातचीत शुरू करने से पहले ही आप समझ सकेंगे कि कॉल असली है या नकली।

तीसरा फीचर टू-स्टेप वेरिफिकेशन है। यह यूजर्स को किसी भी तरह की चोरी और हैकिंग से सुरक्षा देता है। इसमें पुराने 6 अंकों के पिन की जगह मजबूत पासवर्ड रखने का ऑप्शन मिलता है। इस पासवर्ड में आप अक्षर और स्पेशल कैरेक्टर भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

चौथा फीचर कॉन्टेक्स्ट कार्ड है। अगर किसी अनजान यूजर से कोई शक वाला मैसेज आए, जिसमें भारी डिस्काउंट या ऑफर का दावा किया गया हो, तो उस नंबर को ब्लॉक और रिपोर्ट किया जा सकता है। याद रखें कि मैसेज में दिए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें और कोई अटैचमेंट डाउनलोड न करें। ऐसी चैट के लिए कॉन्टेक्स्ट कार्ड्स कई तरह की जानकारी दे सकते हैं। जैसे अकाउंट हाल ही में बना है या नहीं, उस अनजान नंबर के साथ आपके कोई कॉमन ग्रुप हैं या नहीं, सिम कार्ड किस देश का है, और भी बहुत कुछ।

पांचवां फीचर लिंक्ड डिवाइस पर नजर रखने का है। कई बार स्कैमर आपका WhatsApp अकाउंट किसी दूसरे सिस्टम से लिंक करवाकर आपको फंसाने की कोशिश करते हैं। अगर कोई शक वाला डिवाइस आपके WhatsApp से लिंक होने की कोशिश करे, तो WhatsApp फौरन आपको नोटिफिकेशन भेजकर चेतावनी देगा कि यह स्कैम हो सकता है।

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