शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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वसई-विरार परिवहन समिति के सभापति बने अशोककुमार रणखांब, निर्विरोध चुनाव

वसई-विरार परिवहन समिति के सभापति बने अशोककुमार रणखांब, निर्विरोध चुनाव तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

वसई-विरार शहर महानगरपालिका की 13 सदस्यीय परिवहन समिति के सभापति पद पर अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी अशोककुमार रणखांब निर्विरोध चुने गए।

वसई-विरार शहर महानगरपालिका की परिवहन व्यवस्था के लिहाज से एक अहम फैसला हुआ है। महानगरपालिका की 13 सदस्यीय परिवहन समिति के सभापति पद पर अशोककुमार रणखांब निर्विरोध चुने गए हैं। रणखांब एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी हैं।

यह चुनाव प्रक्रिया पालघर की जिलाधिकारी इंदुराणी जाखड़ की निगरानी में पूरी हुई। उम्मीद जताई जा रही है कि उनके सभापति बनने से शहर की परिवहन व्यवस्था में सुधार और आधुनिकीकरण की रफ्तार बढ़ेगी।

रणखांब महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के जरिए राजपत्रित अधिकारी के तौर पर राज्य सेवा में आए थे। नगर विकास विभाग में काम करते हुए उन्होंने कई अहम पदों की जिम्मेदारी संभाली है। वे जलगांव, नाशिक, अहमदनगर, रायगड, ठाणे और पालघर जिलों में मुख्य अधिकारी रह चुके हैं। स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के कामकाज और शहरी प्रशासन का उन्हें लंबा अनुभव है।

इसके अलावा उन्होंने मीरा-भाईंदर महानगरपालिका में उपायुक्त और ठाणे महानगरपालिका में परिवहन सेवा के महाव्यवस्थापक के रूप में भी काम किया है। ठाणे, उल्हासनगर और भिवंडी महानगरपालिकाओं में वे अतिरिक्त आयुक्त और आयुक्त की भूमिका निभा चुके हैं।

साल 2015 में राज्य चुनाव आयोग की ओर से उन्हें चुनाव निरीक्षक भी नियुक्त किया गया था। अलग-अलग महानगरपालिकाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में काम करने की वजह से नागरिक सुविधाओं, परिवहन व्यवस्था और प्रशासनिक प्लानिंग का उन्हें तजुर्बा है।

सभापति का कार्यभार संभालने के बाद रणखांब ने साफ किया है कि वे वसई-विरार की परिवहन सेवा को ज्यादा आधुनिक और सक्षम बनाने पर जोर देंगे। बढ़ती आबादी और यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और असरदार बनाना जरूरी है। वसई, विरार, नालासोपारा और आसपास के लोगों को रोज के सफर के लिए बेहतर सुविधाएं देना परिवहन समिति के सामने बड़ी चुनौती होगी।

वसई-विरार से मुंबई और ठाणे की तरफ हर दिन बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं। इसी वजह से नए सभापति ने इन इलाकों से सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर खास ध्यान देने की बात कही है। साथ ही शहर के अंदर की बस सेवा को मजबूत करना, यात्रियों की जरूरत के हिसाब से परिवहन की योजना बनाना और सार्वजनिक परिवहन का स्तर सुधारना भी प्राथमिकता में रखना होगा।

वसई-विरार में तेजी से बढ़ते शहरीकरण का सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है। ऐसे में परिवहन समिति के सभापति पद पर एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी का चुना जाना अहम माना जा रहा है। अब नागरिकों की नजर इस पर है कि रणखांब के प्रशासनिक अनुभव का परिवहन व्यवस्था को कितना फायदा मिलता है, शहर की बस सेवा में क्या बदलाव होते हैं और मुंबई-ठाणे कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कौन से कदम उठाए जाते हैं।

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