सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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वसई-विरार को दिवाली से पहले मिलेंगी 40 नई इलेक्ट्रिक बसें, भीड़ से राहत की उम्मीद

पीएम ई-बस सेवा योजना की पहली खेप में वसई-विरार महापालिका के बेड़े में 40 ई-बसें दिवाली से पहले आएंगी।

वसई-विरार को दिवाली से पहले मिलेंगी 40 नई इलेक्ट्रिक बसें, भीड़ से राहत की उम्मीद तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

वसई-विरार महापालिका की परिवहन सेवा बढ़ते शहरीकरण और यात्रियों की भारी भीड़ के आगे लंबे समय से कम पड़ रही थी। अब उसे बड़ी राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार की 'पीएम ई-बस सेवा' योजना के तहत शहर को 100 बसें मंजूर हुई हैं। इनमें से पहले चरण की 40 आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें दिवाली से पहले महापालिका के बेड़े में शामिल होंगी। त्योहारों के दिनों में लोगों को बसों के फेरों की नई सौगात मिलेगी और लटककर सफर करने की मजबूरी से छुटकारा मिलने के आसार हैं।

वसई-विरार मुंबई और ठाणे से सटा हुआ बड़ा उपनगर है, इसलिए यहां नौकरीपेशा लोगों की तादाद काफी ज्यादा है। महापालिका के पास अभी 120 बसें हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 40 ई-बसें असल में सड़क पर चल रही हैं। ये बसें 36 अलग-अलग रूटों पर दौड़ती हैं और रोजाना 65 हजार से ज्यादा लोग इनसे सफर करते हैं। आबादी के मुकाबले बसें कम हैं, इसलिए भीड़ के वक्त बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिलती।

गणेशोत्सव जैसे त्योहारों में कर्मचारियों के आंदोलन, खराब पड़ी बसों और गड्ढों की वजह से यात्री सेवा कई बार बिगड़ चुकी है। इसी पृष्ठभूमि में नई बसों का इंतजार काफी समय से हो रहा था।

केंद्र सरकार ने 'जेबीएम' नाम की कंपनी को सप्लायर नियुक्त किया है। इस कंपनी के साथ हुए कानूनी करार की शर्तों और तकनीकी वजहों से ये बसें अटक गई थीं। इन्हें अप्रैल में आना था। अब सारी प्रशासनिक अड़चनें दूर हो गई हैं और पहले चरण की 40 बसें सड़क पर उतरने के लिए तैयार हो रही हैं।

परिवहन व्यवस्थापक धैर्यशील जाधव ने साफ किया कि इन नई गाड़ियों से ज्यादा भीड़ वाले रूटों पर फेरे बढ़ाए जा सकेंगे। साथ ही जिन अंदरूनी इलाकों तक अभी सेवा नहीं पहुंची, वहां नए रूट शुरू करना भी मुमकिन होगा।

इन बसों की चार्जिंग, पार्किंग और तकनीकी देखभाल के लिए नवघर (वसई) और नालासोपारा में आधुनिक ई-बस डिपो बनाए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट पर सरकार का 27.17 करोड़ और महापालिका का 10 करोड़ रुपये, यानी कुल 37.17 करोड़ रुपये का फंड खर्च हो रहा है। डिपो का काम 90 से 95 फीसदी पूरा हो चुका है। तब तक ये 40 बसें विरार में महापालिका मुख्यालय के पास वाले डिपो से अस्थायी तौर पर चलाई जाएंगी। इस नई सेवा से शहर का सार्वजनिक परिवहन ज्यादा मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल होगा।

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