नागपुर चिड़ियाघर के सामने तेज रफ्तार गाड़ी ने स्कूटर को मारी टक्कर, 20 साल के युवक की मौत
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
गिट्टीखदान थाने के इलाके में गुरुवार दोपहर हुए हादसे में युवराज मोहाडीकर की जान गई, दोस्त आशीष पटेल घायल है।
नागपुर के नेशनल जूलॉजिकल पार्क (नागपुर चिड़ियाघर) के सामने गुरुवार दोपहर हुए सड़क हादसे में 20 साल के एक युवक की जान चली गई। एक अज्ञात गाड़ी ने उसके एक्टिवा स्कूटर को टक्कर मार दी। स्कूटर पर पीछे बैठा उसका दोस्त इस हादसे में घायल हुआ है और उसका इलाज चल रहा है।
मृतक की पहचान युवराज राजेंद्र मोहाडीकर (20) के रूप में हुई है। वह नंदनवन के राजेंद्र नगर, KDK कॉलेज रोड, नीलम पान शॉप के पास, लाइन नंबर 12-B का रहने वाला था। उसके साथ स्कूटर पर जरीपटका का रहने वाला आशीष प्यारेलाल पटेल (22) भी था।
पुलिस के मुताबिक यह हादसा 29 अक्टूबर को दोपहर 3.45 से 4 बजे के बीच हुआ। दोनों दोस्त कॉलेज करके दहेगांव से नागपुर लौट रहे थे। वे एक्टिवा मोपेड (MH-49-AV-8459) पर थे। गिट्टीखदान पुलिस स्टेशन के इलाके में नेशनल जू पार्क के सामने वाली सड़क पर एक अज्ञात गाड़ी ने उनके स्कूटर को सामने से जोरदार टक्कर मारी। आरोप है कि वह गाड़ी तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही थी।
टक्कर इतनी तेज थी कि युवराज गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि आशीष को अपेक्षाकृत कम चोटें आईं। आरोप है कि गाड़ी का अज्ञात ड्राइवर न तो घायल युवकों की मदद के लिए रुका और न ही उसने किसी को इसकी खबर दी, बल्कि मौके से भाग गया।
दोनों घायलों को फौरन मेयो अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने युवराज की जांच करके उसे मृत घोषित कर दिया। दोपहर का यह सफर उसके परिवार के लिए बड़े सदमे में बदल गया। आशीष का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
मृतक के रिश्तेदार मोहनीश महादेवराव मोहाडीकर (28) ने शिकायत दर्ज कराई है। वे राजेंद्र नगर के रहने वाले हैं। इस शिकायत पर गिट्टीखदान पुलिस ने अज्ञात गाड़ी चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सब-इंस्पेक्टर राहुल राठोड ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 106(1) और 125(a) के साथ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 134 और 177 के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने फरार ड्राइवर को ढूंढने और टक्कर मारने वाली गाड़ी की पहचान करने के लिए तलाश शुरू कर दी है। मामले की आगे की जांच जारी है।
इस हादसे ने एक बार फिर याद दिलाया है कि शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर लापरवाही से गाड़ी चलाना कितना खतरनाक है। पल भर की चूक जवान जिंदगियां छीन सकती है और परिवारों को तबाह कर सकती है।
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