वाई में विकास के नाम पर कृष्णा किनारे के पुराने घाटों की तोड़फोड़, लोगों में गुस्सा
वाई में गंदे पानी की निकासी और फुटपाथ के कामों के दौरान कृष्णा किनारे के ऐतिहासिक घाटों को नुकसान पहुंचा है। लोगों ने चबूतरों को पहले जैसा करने की मांग की है और आंदोलन की चेतावनी दी है।
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सातारा जिले के वाई शहर में कृष्णा नदी के किनारे बने ऐतिहासिक घाटों का असली रूप खतरे में आ गया है। शहर में इस वक्त गंदे पानी की निकासी व्यवस्था और फुटपाथ यानी पैदल पथ के काम चल रहे हैं। इन कामों के लिए बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की गई है। ब्राह्मणशाही रामडोह आली घाट पर कई तराशे हुए पत्थर गायब हो गए हैं। इस पूरे मामले पर वाई के लोगों में तीखा गुस्सा है।
वाई एक ऐतिहासिक शहर है। यहां कई पुराने मंदिर और घाट हैं। शहर के पास से बहने वाली कृष्णा नदी के किनारे काशीविश्वेश्वर और महा गणपति समेत कई मंदिर और पत्थर की चिनाई वाले घाट हैं। ये घाट राज्य की शान माने जाते हैं। फिलहाल नगरपालिका की तरफ से इन घाटों के पास गंदे पानी की निकासी व्यवस्था और फुटपाथ के काम चल रहे हैं। लेकिन इन कामों के दौरान कई जगह पुराने स्थापत्य को नुकसान पहुंचा है। ठेकेदार की इस लापरवाह प्लानिंग की वजह से घाटों की विरासत पर सवाल खड़े हो गए हैं।
ब्राह्मणशाही घाट पर पहले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के बैठने के लिए पत्थर के चार चबूतरे थे। इन चबूतरों की तोड़फोड़ हो चुकी है। कई सामाजिक संस्थाओं ने चिट्ठी लिखकर चबूतरों को पहले जैसा करने की मांग की थी। लोगों का कहना है कि प्रशासन ने ऐसा आश्वासन भी दिया था। मगर आज हालत यह है कि चार में से एक चबूतरा पूरी तरह गायब है और बाकी तीन टूटी-फूटी हालत में पड़े हैं। ये चबूतरे किसने हटाए और गायब हुआ चबूतरा कहां गया, ऐसे सवाल लोग पूछ रहे हैं।
दूसरी तरफ रामडोह आली की ऐतिहासिक सीढ़ियों की भी इन कामों में बुरी हालत हुई है। यही रास्ता कोजागरी पूर्णिमा के दीपप्रज्वलन और परंपरागत गणेश विसर्जन का है। बिखरे पत्थरों और सीमेंट व टाइल्स के ज़रूरत से ज्यादा इस्तेमाल से घाटों की कुदरती खूबसूरती खत्म हो रही है, ऐसा आरोप लग रहा है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह काम पुरातत्त्व विभाग की इजाज़त लिए बिना और कोई सर्वे किए बिना शुरू कर दिया गया। विकास कामों की जांच की मांग जोर पकड़ रही है। वाई के लोगों का साफ कहना है कि वाई का विकास ज़रूर हो, लेकिन समृद्ध इतिहास को तोड़कर नहीं। गायब चबूतरे को तुरंत ढूंढकर सभी क्षतिग्रस्त ढांचों को मूल पत्थर की बनावट में ही पहले जैसा न किया गया तो तीव्र आंदोलन करने की चेतावनी वाई के निवासियों ने दी है।
कृष्णाबाई संस्थान घाट, ब्राह्मणशाही, वाई के सरपंच श्रेयस खटावकर ने कहा कि नगरपालिका ने फुटपाथ और दूसरे काम करते वक्त ब्राह्मणशाही और रामडोह आली के पुराने ऐतिहासिक चबूतरे और पत्थर की सीढ़ियां निकाल दी हैं। इससे ऐतिहासिक स्थापत्य को नुकसान हुआ है। इस तोड़फोड़ को तुरंत ठीक करवाने के लिए नगरपालिका को वक्त-वक्त पर चिट्ठियां भेजी गई हैं। यह मरम्मत तुरंत करवाई जाए।
वाई की मुख्य अधिकारी संजीवनी दळवी ने बताया कि वाई शहर में ब्राह्मणशाही और रामडोह आली इलाके में फुटपाथ और गंदे पानी की निकासी व्यवस्था के काम चल रहे हैं। इस काम के दौरान पुराने ऐतिहासिक कामों को थोड़ा नुकसान पहुंचा है। लेकिन ठेकेदार पर यह शर्त रखी गई है कि वह इस निर्माण को पहले जैसा करे। उससे यह काम जल्द ही पूरा करवा लिया जाएगा।