मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:01 IST

वाई में जललक्ष्मी योजना की पाइपलाइन लीक, सिंचाई विभाग पर स्वप्निल गायकवाड़ का आरोप

स्वप्निल गायकवाड़ ने पूछा है कि वाई की जललक्ष्मी सिंचन योजना का बरसों पुराना रिसाव क्या इस साल रुकेगा।

वाई में जललक्ष्मी योजना की पाइपलाइन लीक, सिंचाई विभाग पर स्वप्निल गायकवाड़ का आरोप
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

वाई के पश्चिम भाग की जीवनवाहिनी कही जाने वाली जललक्ष्मी सिंचन योजना की पाइपलाइन बरसों से जगह-जगह लीक हो रही है। स्वप्निल गायकवाड़ ने सवाल उठाया है कि क्या यह रिसाव इस साल तो रुकेगा। उनका कहना है कि पाइपलाइन में रिसाव है, वाल्व खराब पड़े हैं और मरम्मत समय पर नहीं होती। इससे हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।

गायकवाड़ ने आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग की अनदेखी का खामियाजा पश्चिम भाग के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने विभाग के कामकाज पर तीखी टिप्पणी की है।

जललक्ष्मी योजना व्याहली, कुसगाव, एकसर और पसरणी इलाके की खेती के लिए अहम मानी जाती है। इस इलाके में बड़े पैमाने पर खेती होती है। योजना का पानी मिलने से सीधी सिंचाई तो होती ही है, कुओं का जलस्तर भी बढ़ने में मदद मिलती है। इसलिए योजना का ठीक से इंतजाम और मौजूद पानी का सख्ती से इस्तेमाल जरूरी है।

गायकवाड़ के मुताबिक कई सालों से पाइपलाइन में अलग-अलग जगह लीकेज है। कुछ जगह वाल्व खराब हैं और उनकी देखभाल व मरम्मत वक्त पर नहीं होने से काफी पानी बह जाता है। नतीजा यह कि इन गांवों के किसानों तक योजना का सौ फीसदी फायदा नहीं पहुंच रहा।

पश्चिम भाग में पानी का भंडार तुलना में ज्यादा है, इसलिए पहले इस लीकेज को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया गया। लेकिन बदलती बारिश और पिछले साल बनी सूखे जैसी हालत को देखते हुए अब पानी की हर बूंद कीमती हो गई है। ऐसे में सिंचाई का पानी सिर्फ इंतजाम की खामियों और मरम्मत न होने की वजह से बह जाए, यह किसी को बर्दाश्त नहीं होगा।

खास तौर पर व्याहली, कुसगाव, एकसर और पसरणी गांवों तक योजना का पानी पूरी ताकत से पहुंचना जरूरी है। लीकेज तुरंत रोककर पाइपलाइन और वाल्व की जरूरी मरम्मत हो जाए तो किसानों को सिंचाई के लिए बड़ा सहारा मिल सकता है। कुओं के जलस्तर पर भी इसका अच्छा असर पड़ सकता है।

योजना की खामियों पर बार-बार सवाल उठने के बावजूद पक्का इलाज नहीं हो रहा, इसलिए किसानों में नाराजगी है। गायकवाड़ ने चेताया है कि इस साल भी समय पर मरम्मत नहीं हुई और पानी की बर्बादी चलती रही, तो कृष्णा के किनारे बसे वाई के पश्चिम भाग को आगे चलकर पानी की गंभीर किल्लत झेलनी पड़ सकती है।

स्वप्निल गायकवाड़ ने बताया कि इस बारे में सरकारी स्तर पर पैरवी करके जललक्ष्मी सिंचन योजना की तुरंत मरम्मत की मांग की जाएगी। साथ ही योजना की देखभाल और मरम्मत में लापरवाही करने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करके उचित कार्रवाई के लिए भी वे पैरवी करेंगे।

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