रत्नागिरी: पानवल डैम भरा है, फिर भी 1300 मीटर पाइपलाइन के बिना शहर प्यासा
रत्नागिरी में करोड़ों रुपये से बना नया पानवल डैम तैयार है और उसमें भरपूर पानी भी है, लेकिन 1300 मीटर की पाइप जोड़ाई का काम अटका है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
रत्नागिरी शहर हर साल पानी की गंभीर किल्लत झेलता है। इसी बीच नगरपालिका के कामकाज का एक और नमूना सामने आया है, जिसे देखकर शहर के लोग हैरान हैं। हाल यह है कि डैम सिरहाने है और गला सूखा पड़ा है।
शहर की प्यास बुझाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके नया पानवल डैम बनकर तैयार हो चुका है। उसमें भरपूर पानी भी जमा हो गया है। फिर भी सिर्फ 1300 मीटर की पाइप जोड़ाई न होने की वजह से यह पानी शहर तक नहीं पहुंच पा रहा।
अभी रत्नागिरी शहर की पूरी पानी सप्लाई शीळ डैम पर टिकी है। शीळ डैम से रोज बड़ी मात्रा में पानी खींचना पड़ता है, इसलिए पालिका के फंड से हर महीने लाखों रुपये का बिजली बिल भरा जा रहा है। दूसरी तरफ पानवल डैम में पानी की अच्छी मात्रा मौजूद है और उसे ढलान के सहारे, यानी गुरुत्वाकर्षण से, सीधे शहर में लाना आसानी से मुमकिन है।
ऐसा हो जाए तो पालिका का बिजली पर होने वाला भारी खर्च पूरी तरह बच सकता है और प्रशासन पर पड़ने वाला दबाव भी घट सकता है। लेकिन प्रशासन की बेरुखी की वजह से नाचणे परिसर में पाइपलाइन जोड़ने का काम रुका पड़ा है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस 1300 मीटर की पाइपलाइन के लिए करीब 250 पाइप पहले ही लाकर रखे जा चुके हैं। सारा तकनीकी सामान जगह पर मौजूद है, फिर भी काम एक ईंट भर आगे नहीं बढ़ा। पता चला है कि ठेकेदार के पुराने काम का बकाया पैसा समय पर नहीं दिया गया, इसलिए उसने नया काम शुरू करने से साफ मना कर दिया है।
यानी डैम तैयार है, उसमें खूब पानी है और पाइप भी पड़े हुए हैं। बस बकाया बिलों के झगड़े की वजह से जोड़ाई अटकी है। नतीजा यह कि कुदरत का साथ होने के बावजूद प्रशासन की इस गड़बड़ी से रत्नागिरी के लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ सकता है।
शीळ डैम से महंगा पानी खींचने के कारण पालिका की तिजोरी पर बिजली बिल का भारी बोझ पड़ रहा है। कुदरत की इस देन और मौजूद साधनों का पूरा इस्तेमाल न करके आम करदाताओं के पैसों की जो बर्बादी हो रही है, वही अब स्थानीय लोगों के तीखे गुस्से की मुख्य वजह बन गई है।