वाडा के 1,800 से ज्यादा बच्चों के लिए लिओ क्लब का 'प्रोजेक्ट उमंग'
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वाडा के स्वामी विवेकानंद विद्या मंदिर और ज्युनिअर कॉलेज में 'प्रोजेक्ट उमंग' (Project Umang) का आयोजन हुआ। इसे लिओ डिस्ट्रिक्ट 3231-A2 (सेंट्रल मुंबई) की तरफ से कराया गया। मकसद था कि बच्चों की क्रिएटिविटी को मौका मिले और उनमें करियर को लेकर जागरूकता और आत्मविश्वास आए।
इस कार्यक्रम में 200 से ज्यादा लिओ क्लब सदस्य शामिल हुए। उनकी मदद से पांचवीं से बारहवीं तक के 1,800 से ज्यादा बच्चों को अनुभव से सीखने वाली अलग-अलग गतिविधियों में हिस्सा लेने का मौका मिला।
लायन्स इंटरनॅशनल की युवा शाखा लिओ डिस्ट्रिक्ट 3231-A2 की जिला अध्यक्ष लिओ इशिका शाह के आइडिया से यह कार्यक्रम तैयार हुआ। रोज की क्लास की पढ़ाई के साथ बच्चे खुद करके भी सीख सकें, उनकी क्रिएटिविटी बढ़े और आगे के मौकों की समझ बने, यही इसका मुख्य मकसद था। खास तौर पर नौवीं से बारहवीं के बच्चों को उच्च शिक्षा और करियर चुनने पर गाइडेंस देने पर जोर रहा।
कार्यक्रम लायन्स क्लब्स इंटरनॅशनल फाउंडेशन (LCIF) के सेवा अनुदान और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत साथ देने वाली संस्थाओं की मदद से हुआ। बच्चों के लिए कला और टिश्यू पेंटिंग वर्कशॉप रखी गई। थ्री-D पेन से कलाकृतियां बनाना, डोम प्लैनेटेरियम, ड्रोन बनाना, एस्केप रूम और कई तरह के मॉडल बनाने जैसी गतिविधियां भी हुईं।
इसके अलावा निबंध लेखन, शांति पोस्टर और भाषण की प्रतियोगिताएं हुईं। करियर काउंसलिंग, करियर जागरूकता और आर्थिक साक्षरता पर सेशन भी हुए, जिनका बच्चों को फायदा मिला। पढ़ाई के साथ मजा और खुशी जोड़ने के लिए हिस्सा लेने वाले बच्चों को चीज पावभाजी दी गई।
प्लानिंग से लेकर अमल तक 200 से ज्यादा लिओ सदस्यों ने सक्रिय हिस्सेदारी की। उन्होंने बच्चों से बातचीत, अलग-अलग गतिविधियों का तालमेल और पूरे कार्यक्रम का इंतजाम संभाला।
प्रोजेक्ट डायरेक्टर लिओ लायन सचिन तेलवणे ने कहा कि उमंग को सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम बनाने का इरादा कभी नहीं था। उनके मुताबिक हर बच्चा यहां से एक नया विचार, एक नया अनुभव और खुद पर थोड़ा ज्यादा भरोसा लेकर जाए, यही उनकी इच्छा थी। तेलवणे ने कहा कि उमंग से अगर एक भी बच्चा बड़े सपने देखने, अलग तरह से सोचने और यह मानने के लिए प्रेरित हुआ हो कि उसमें बेहतर भविष्य बनाने की क्षमता है, तो उनका मकसद पूरा हुआ।
आयोजकों को उम्मीद है कि आगे वाडा इलाके के बच्चों के लिए ऐसे ही शैक्षणिक कार्यक्रम कराने में 'प्रोजेक्ट उमंग' रास्ता दिखाएगा। बच्चों को नए मौकों से रूबरू कराने के साथ युवा सदस्यों को सामाजिक जिम्मेदारी के जज्बे से बड़े स्तर पर सेवा के काम करने की प्रेरणा देना भी इस प्रोजेक्ट का मकसद है।