रविवार, 1 नवंबर 2026

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नागपुर: दही हंडी में तेज DJ और रोड बंद करने पर पुलिस-आयोजकों की भूमिका पर सवाल

नागपुर: दही हंडी में तेज DJ और रोड बंद करने पर पुलिस-आयोजकों की भूमिका पर सवाल तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

अजनी चौक और Orange City Square की दही हंडी में नियमों की अनदेखी के आरोप, धंतोली पुलिस ने दर्ज की FIR।

नागपुर में दही हंडी के दो कार्यक्रमों को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या धार्मिक आयोजन के नाम पर कानून और पुलिस के आदेश को नजरअंदाज किया गया। एक मामला अजनी चौक का है, जहां पुलिस की मौजूदगी और साफ निर्देशों के बावजूद तेज आवाज में DJ बजता रहा। दूसरा मामला Orange City Square का है, जहां BJYM South West Nagpur की दही हंडी के लिए Ring Road की पूरी एक carriageway बंद कर दी गई, जिससे वाहन चालकों को divider opening तक गलत दिशा में गाड़ी चलानी पड़ी।

धंतोली पुलिस के मुताबिक अजनी चौक के कार्यक्रम में साउंड लेवल 90 से 100 डेसिबल के बीच दर्ज किया गया। पुलिस ने आयोजक करण यादव और साउंड सिस्टम चलाने वाले रजत विजय शाहू को आवाज कम करने के लिए कहा था। इसके बावजूद तेज आवाज में DJ बजता रहा। नियम के मुताबिक रात 10 बजे के बाद साउंड बंद हो जाना चाहिए था, लेकिन कार्यक्रम करीब 10.45 बजे तक चलता रहा। इसके बाद धंतोली पुलिस ने दोनों के खिलाफ BNS और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में FIR दर्ज कर दी।

सवाल यह उठ रहा है कि जब पुलिस मौके पर मौजूद थी और दो बार नॉइस लेवल भी मापा गया था, तो फिर रात 10 बजे के बाद भी DJ कैसे चलता रहा। दूसरी तरफ Orange City Square पर सड़क का एक हिस्सा बंद होने की वजह से सैकड़ों वाहन गलत दिशा में चलने को मजबूर हुए, जिससे किसी एंबुलेंस, फायर टेंडर या इमरजेंसी वाहन को रास्ता न मिलने का खतरा भी बना रहा।

दोनों कार्यक्रमों के आयोजकों के बारे में यह धारणा बनी कि उनका राजनीतिक असर है और वे सत्ता के करीबी माने जाते हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खुद नागपुर से आते हैं और शहर की राजनीति में उनका प्रभाव जगजाहिर है, ऐसे में उनके करीबी माने जाने वालों से जुड़े कार्यक्रमों में नियमों की अनदेखी पर सवाल सीधे शीर्ष नेतृत्व से भी पूछे जा रहे हैं।

नागपुर पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटील पहले भी ध्वनि प्रदूषण, DJ और लेजर लाइट्स को लेकर सख्ती दिखा चुके हैं। पुलिस साउंड सिस्टम की जांच और डेसिबल लेवल की निगरानी भी करती रही है। मांग की जा रही है कि सिर्फ FIR दर्ज करने तक बात सीमित न रहे, बल्कि नियम तोड़ने वाले DJ और साउंड प्रोवाइडर के लाइसेंस-परमिशन की भी जांच हो और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द किया जाए। साथ ही गणेशोत्सव, पोला, मोहर्रम जैसे बाकी सार्वजनिक आयोजनों में भी सड़क बंद करने, तेज आवाज और ट्रैफिक को खतरे में डालने जैसी बातों पर सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है, ताकि आम नागरिकों को परेशानी न झेलनी पड़े।

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