तीन साल में महाराष्ट्र में आएंगी 50 हजार इलेक्ट्रिक बसें, फडणवीस ने किया ऐलान
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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे में कहा कि राज्य में अगले तीन साल में 50 हजार इलेक्ट्रिक बसें लाने का लक्ष्य है और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।
पुणे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया कि महाराष्ट्र में अगले तीन साल में 50 हजार इलेक्ट्रिक बसें लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इसके लिए जो चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर चाहिए, उसे खड़ा करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार लेगी। फडणवीस के मुताबिक हाईवे समेत पूरे राज्य में जहां जरूरत होगी, वहां चार्जिंग की सुविधा दी जाएगी।
फडणवीस पिनॅकल इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर सुधीर मेहता की पहल से बनी छह नई सुविधाओं के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, एच. डी. कुमारस्वामी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संतोष जी, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ, फोर्स मोटर्स के अध्यक्ष अभय फिरोदिया, सुधीर मेहता और सुनंदा मेहता समेत कई और मान्यवर मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर निवेश आ रहा है। उनके मुताबिक पुणे इलेक्ट्रिक वाहन बनाने का एक अहम केंद्र बनता जा रहा है।
फडणवीस ने कहा, "सुधीर मेहता ने मोबिलिटी के क्षेत्र में जो काम किया है, वह एक नई क्रांति है। एक साथ छह सुविधाओं का उद्घाटन करने का अनुभव मेरे लिए भी पहली बार है।" उन्होंने कहा कि विकसित भारत की तरफ बढ़ते हुए स्वच्छ और हरित मोबिलिटी को प्राथमिकता देना जरूरी है। उनका कहना था कि शहरों के प्रदूषण में गाड़ियों का बड़ा हिस्सा है, इसलिए पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता घटाकर इलेक्ट्रिक वाहनों और वैकल्पिक ईंधन की तरफ जाना होगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत को इलेक्ट्रिक वाहनों में आत्मनिर्भर बनाने के लिए देश में उत्पादन बढ़ाना जरूरी है। गडकरी के मुताबिक आने वाले समय में इलेक्ट्रिक ट्रक और बस की बड़ी मांग रहेगी। उन्होंने कहा कि तीन हजार नहीं, कम से कम एक लाख ट्रक और बस बनाने की क्षमता खड़ी कर ली जाए, तब भी देश की अपनी मांग पूरी नहीं हो पाएगी।
सुधीर मेहता की पहल से इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में शुरू हुए नए उपक्रम की तारीफ करते हुए गडकरी ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ रही है। उनके अनुसार भारतीय उद्योग की रीढ़ कहे जाने वाले वाहन उद्योग का आकार पहले 15 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 22 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। गडकरी ने कहा कि वाहन उद्योग की वैश्विक रैंकिंग में भारत जापान को पीछे छोड़कर तीसरे नंबर पर आ गया है। उन्होंने बताया कि 79 लाख करोड़ रुपये के उद्योग के साथ अमेरिका पहले और 49 लाख करोड़ रुपये के साथ चीन दूसरे नंबर पर है। गडकरी ने कहा कि इस क्षेत्र में भारत को दुनिया में पहले नंबर पर ले जाना उनका लक्ष्य है।
ट्रकों को लेकर गडकरी ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रक में बैटरी का वजन करीब पांच टन होता है। इसलिए उन्होंने अधिकारियों को सुझाव दिया है कि 60 टन क्षमता वाले ट्रक में बैटरी का वजन ध्यान में रखकर माल ढोने की क्षमता पांच टन बढ़ा दी जाए। गडकरी के मुताबिक इससे ट्रक बनाने वालों और ट्रांसपोर्टरों को फायदा होगा।
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