नागपुर के हेडगेवार फ्लाईओवर के नीचे लगे 2 जैक, पुल पर मंडराया खतरा
इंदोरा से दिघोरी को जोड़ने वाले 8.9 किमी लंबे फ्लाईओवर के नीचे तालमेल बिगड़ने से जैक लगाने पड़े, प्रशासन पर लीपापोती का आरोप।
नागपुर में इंदोरा चौक से दिघोरी चौक तक बने 8.9 किमी लंबे उड़ानपुल पर अब खतरा मंडराने लगा है। इस फ्लाईओवर का तालमेल कुछ हिस्सों में बिगड़ने के कारण नीचे जैक लगाने पड़े हैं। पांचपावली पुलिस स्टेशन के सामने लगाए गए सिर्फ 2 जैक के भरोसे रोज हजारों गाड़ियां इस पुल पर से गुजर रही हैं।
बताया जा रहा है कि फ्लाईओवर के नीचे की परत भी कुछ जगहों पर उखड़ने लगी थी, जिसे बाद में मरम्मत करके छिपा दिया गया। स्थानीय लोगों में चर्चा है कि पुल बनने के बाद कुछ हिस्सों में जरूरी तालमेल नहीं बैठ पाया, जिसकी वजह से नीचे से सहारा देना पड़ा। हालांकि इस बारे में संबंधित एजेंसी की तरफ से अभी तक कोई पूरी तकनीकी जानकारी सामने नहीं आई है।
यह फ्लाईओवर इंदोरा और दिघोरी के बीच रोज के ट्रैफिक के लिए बेहद अहम माना जाता है, इसलिए इसकी मजबूती को लेकर उठ रहे सवालों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। लोग मांग कर रहे हैं कि नीचे जैक क्यों लगाने पड़े, पुल कितना वजन झेल सकता है और इसके निर्माण की तकनीकी हालत कैसी है, इन सबकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि इसी पुल के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रेशिमबाग के भट सभागृह में कहा था कि नागपुर को इंटरनेशनल शहर बनाने का मौका देने वाली यहां की जनता का कर्ज विकास के जरिए चुकाया जा रहा है। उसी कार्यक्रम में उन्होंने इस पुल का नाम 'डॉ. केशव बलीरामपंत हेडगेवार उड़ानपुल' रखने का ऐलान किया था। पुल का लोकार्पण फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मिलकर किया था।
फडणवीस ने उस मौके पर यह भी कहा था कि गडकरी की सोच से बना यह पुल सिर्फ उड़ानपुल नहीं बल्कि हवाई रास्ता है और आधुनिक तकनीक की बेहतरीन मिसाल है। उनके मुताबिक पुल को दिया गया नाम डॉ. हेडगेवार को सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने डॉ. हेडगेवार, राजा बख्त बुलंद शाह और राजा भोसले जैसी शख्सियतों से नागपुर की पहचान जोड़ते हुए कहा था कि संघ के शताब्दी वर्ष में यह नाम देना समर्पण की भावना दिखाता है। साथ ही उन्होंने नागपुरवासियों की ओर से गडकरी का आभार भी जताया था कि उन्होंने शहर को यह खास पुल तोहफे में दिया।
लेकिन अब लोकार्पण के कुछ समय बाद ही इसी पुल के नीचे जैक लगाने की नौबत आ गई है, जिससे इसकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं और प्रशासन से जवाब मांगा जा रहा है।