उल्हासनगर में मेट्रो और शहाड ब्रिज का श्रेय किसे, भाजपा और शिवसेना में तकरार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
उल्हासनगर में मेट्रो और प्रस्तावित शहाड ब्रिज के श्रेय को लेकर भाजपा और शिवसेना के नेता आमने-सामने हैं।
उल्हासनगर में विकास कामों के श्रेय को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच राजनीतिक खींचतान एक बार फिर तेज हो गई है। दिवाली से पहले शहर के लोगों को मेट्रो का तोहफा मिला था। अब कल्याण-मुरबाड रोड पर प्रस्तावित शहाड ब्रिज को लेकर भी श्रेय की लड़ाई शुरू हो गई है। करीब 350 करोड़ रुपये के इस प्रस्तावित पुल को लेकर दोनों पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। धनत्रयोदशी के कार्यक्रम में भी इस विवाद की झलक दिखी।
भाजपा विधायक कुमार आयलानी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के भाषण का एक वीडियो दिखाया। उस भाषण में फडणवीस ने एक जाहिर सभा में उल्हासनगर के लोगों को मेट्रो देने का वादा किया था। इसी वीडियो के आधार पर आयलानी ने दावा किया कि मेट्रो और शहाड ब्रिज के काम के लिए भाजपा ने ही पीछा किया। उनके मुताबिक भाजपा ने इन दोनों अहम प्रोजेक्ट के लिए कोशिश की, इसीलिए ये आगे बढ़ रहे हैं। इस दावे पर शिवसेना के नेताओं ने ऐतराज जताया और भाजपा पर निशाना साधा।
शिवसेना नेताओं ने जवाब में मेट्रो और शहाड ब्रिज के काम का श्रेय सांसद श्रीकांत शिंदे को दिया। शिवसेना की ओर से कहा गया कि सिर्फ कागज दिखाने से विकास के काम नहीं होते, उनके लिए जमीन पर पीछा करना पड़ता है। शिवसेना का दावा है कि सांसद श्रीकांत शिंदे की कोशिशों से ही मेट्रो और शहाड ब्रिज के प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहे हैं। शिवसेना नेताओं ने यह भी कहा कि भाजपा अपने किए काम का श्रेय ले, लेकिन दूसरों के किए काम का श्रेय लेने की कोशिश न करे।
विधायक कुमार आयलानी ने आरोप लगाया कि उल्हासनगर में भाजपा और शिवसेना के बीच जो विवाद पैदा होता है, उसके पीछे एक खास गुट की भूमिका है। इससे इस राजनीतिक खींचतान को और धार मिल गई है। दूसरी तरफ, शिवसेना की महापौर अश्विनी निकम के पति और शिवसेना नेता कमलेश निकम ने भी भाजपा विधायक के दावों की आलोचना की। इस तरह विकास कामों को लेकर शहर में दोनों पार्टियों के बीच माहौल गरम है।
खास बात यह है कि धनत्रयोदशी के मौके पर शिवसेना की ओर से स्कूली छात्राओं के लिए श्रीमती ज्योती कलानी लाडकी विद्यार्थिनी योजना शुरू की गई। इसी योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में भाजपा और शिवसेना के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप होते दिखे। छात्राओं के लिए रखे गए कार्यक्रम में विकास कामों के श्रेय पर बहस छिड़ने से वहां मौजूद लोगों का ध्यान भी इस टकराव की ओर गया।
उल्हासनगर के लिए मेट्रो और शहाड ब्रिज दोनों ही प्रोजेक्ट ट्रैफिक और बुनियादी सुविधाओं के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। उम्मीद है कि मेट्रो से शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को रफ्तार मिलेगी, जबकि शहाड ब्रिज से कल्याण-मुरबाड मार्ग पर ट्रैफिक की समस्या सुलझाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल तस्वीर यह है कि इन प्रोजेक्ट पर काम से ज्यादा इस पर होड़ चल रही है कि श्रेय किसे मिलेगा। अब उल्हासनगर के लोग देख रहे हैं कि विकास कामों का असली फायदा उन्हें कब मिलेगा।
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