पेंग्विन पर राजनीति नहीं, पहले मुंबई के लोगों को पानी दो: किशोरी पेडणेकर
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शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने सत्ताधारियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पेंग्विन से ज्यादा जरूरी मुंबई के लोगों को पानी देना है।
मुंबई में पेंग्विन को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडणेकर ने सत्ताधारियों पर निशाना साधा है। पेडणेकर का कहना है कि पेंग्विन लाने का विचार आदित्य ठाकरे का था। उनके मुताबिक उस वक्त जो लोग इसका विरोध कर रहे थे, वही अब इसका श्रेय लेने की कोशिश में लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस समय पेंग्विन लाने से ज्यादा जरूरी मुंबई के लोगों को पानी देना है।
पेडणेकर ने बताया कि पेंग्विन की संख्या अब 25 हो गई है और कुछ जोड़ियों को मैसूर भेजने की चर्चा है। कुछ अधिकारी वहां जाकर देख भी आए हैं, ऐसा सुनने में आया है। पेडणेकर के मुताबिक उन्हें जानकारी मिल रही है कि इसके बदले मुंबई में जिराफ और शेर लाए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि जब पेंग्विन मुंबई आए थे, तब इन्हीं लोगों ने उस पर बड़ी राजनीति की थी। एक पेंग्विन की मौत हुई तो उस पर भी आलोचना की गई। पेडणेकर ने कहा कि आज वही पेंग्विन मुंबई के लोगों के मनोरंजन का जरिया बन गए हैं और मुंबई के खजाने में भी अच्छी खासी रकम डाल रहे हैं। जानवरों और पक्षियों का आदान-प्रदान कोई नई बात नहीं है, यह भी उन्होंने साफ किया।
पेडणेकर ने कहा कि मुंबई इस वक्त पानी की किल्लत से जूझ रही है। दिवाली के बाद जो पानी की कमी पैदा हुई, उस पर उनके मुताबिक प्रशासन और सत्ताधारियों का ध्यान दिखाई नहीं देता। शहरी सुविधाओं के सवालों पर भी चर्चा नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि पक्षी लाए जाने चाहिए और इस पर उनका विरोध नहीं है, लेकिन यह उसका वक्त नहीं है। मुंबई के लोगों के मुंह का पानी उड़ गया है, इसलिए उनके लिए पेंग्विन से ज्यादा पानी मायने रखता है। इन शब्दों में पेडणेकर ने नाराजगी जताई।
पेडणेकर ने यह भी कहा कि करीब साढ़े चार से पौने पांच साल तक मुंबई नगर निगम में पार्षदों की जनता द्वारा चुनी हुई सभा नहीं थी। अब पार्षद चुनकर आ गए हैं और महापौर भी पद पर बैठ चुके हैं। ऐसे में बुनियादी सवालों पर ध्यान देने के बजाय सीए लाओ, पेंग्विन लाओ जैसे विषयों पर चर्चा चल रही है, यह आलोचना उन्होंने की।
पेडणेकर के अनुसार पेंग्विन लाने की सोच इतनी कामयाब रही कि अब उसकी नोटिस लेनी पड़ रही है। लेकिन उनका कहना है कि श्रेय लेकर इतराने का यह समय नहीं है। उन्होंने सत्ताधारियों से कहा कि पहले मुंबई के लोगों के पानी के सवाल पर चिंता जताइए।
पेडणेकर ने कहा कि मुंबई के लोगों की सेहत, बढ़ता प्रदूषण और शहरी समस्याओं पर भी सत्ताधारियों को बोलना चाहिए। उनके मुताबिक मुंबई में वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और दृश्य प्रदूषण बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में भी प्रदूषण पैदा हो गया है और इन अहम सवालों की अनदेखी हो रही है।
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