मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

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13:10 IST

जव्हार निर्माण विभाग में बोगस FDR का शक, बैंक जांच के बीच फाइल टेबल से गायब

जव्हार के सार्वजनिक निर्माण विभाग में टेंडर के साथ लगे FDR के नकली होने का शक है। जांच के बीच असली कागजात की फाइल दफ्तर से गायब हो गई और पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है।

जव्हार निर्माण विभाग में बोगस FDR का शक, बैंक जांच के बीच फाइल टेबल से गायब तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

जव्हार के सार्वजनिक निर्माण विभाग में अब बोगस सावधि जमा रसीद यानी FDR का मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये के विकास निधि को लेकर यह विभाग पहले से ही विवादों में घिरा हुआ है। टेंडर प्रक्रिया में राष्ट्रीयकृत बैंक के जो FDR लगाए गए थे, उनके नकली होने का शक गहराता जा रहा है। इसी बीच इस मामले की सच्चाई सामने लाने वाले असली कागजात सरकारी दफ्तर से चोरी हो जाने की चौंकाने वाली बात भी उजागर हुई है।

जांच आगे बढ़ते ही फाइल का गायब हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। यह शक जताया जा रहा है कि कहीं भ्रष्टाचार के सबूत मिटाने की पहले से बनी साजिश तो नहीं थी।

सार्वजनिक निर्माण विभाग की टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों को काम की कुल कीमत का 1 से 2 प्रतिशत हिस्सा सुरक्षा जमानत रकम के तौर पर जमा करना पड़ता है। यह रकम राष्ट्रीयकृत बैंक के FDR की शक्ल में दी जाती है। नियम के मुताबिक रकम सीधे बैंक में भरे बिना FDR जारी ही नहीं होता।

शिवक्रांति संगठन के शरद पाटील ने आरोप लगाया है कि जव्हार निर्माण विभाग में चहेते ठेकेदारों ने लाखों से करोड़ों रुपये के कामों के लिए नकली FDR लगाकर सरकारी नियमों की खुलेआम अनदेखी की। इसी शक के आधार पर उन्होंने टेंडर नंबर और FDR नंबरों की सूची देकर विस्तार से जानकारी मांगी थी।

इस शिकायत पर ध्यान देते हुए विभाग ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की संबंधित शाखा से इन FDR के असली होने की पड़ताल शुरू करवाई। लेकिन बैंक की रिपोर्ट आकर सच्चाई सामने आती, उससे पहले ही दफ्तर में नाटकीय घटना हो गई। विभाग के वरिष्ठ लिपिक गायकवाड के टेबल से असली कागजात की फाइल रहस्यमय तरीके से गायब हो गई।

दफ्तर के सीसीटीवी फुटेज की जांच में एक अज्ञात व्यक्ति कागजात लेकर जाता दिखा है। इस मामले में गायकवाड ने जव्हार पुलिस में विधिवत शिकायत दर्ज कराई है।

जव्हार के सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता संजय डोंगरे ने कहा कि टेबल से कागजात गायब होना गंभीर बात है और इस बारे में तुरंत जव्हार पुलिस में आधिकारिक शिकायत दी गई है। उनके मुताबिक पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

दफ्तर के भीतर मिलीभगत के बिना सरकारी टेबल से इतने संवेदनशील कागजात का चोरी होना मुमकिन नहीं, ऐसी चर्चा है। पहले फर्जी बिलों और नकली कागजात के पुराने मामले आ चुके हैं और अब बोगस FDR का नया मामला सामने आया है। इससे जव्हार सार्वजनिक निर्माण विभाग के पूरे कामकाज पर सवाल उठ रहे हैं। शरद पाटील ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच सीआईडी या किसी उच्चस्तरीय समिति से करवाई जाए।

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