ताडोबा गाइड वेलफेयर एसोसिएशन को मोहर्ली में मिला अपना दफ्तर, वन विभाग ने दिया
फॉरेस्ट कॉलोनी के एक ब्लॉक में खुले दफ्तर का उद्घाटन क्षेत्र संचालक डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला ने रिबन काटकर किया।
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मोहर्ली में ताडोबा गाइड वेलफेयर एसोसिएशन को अब अपना दफ्तर मिल गया है। ताडोबा-अंधारी व्याघ्र प्रकल्प की फॉरेस्ट कॉलोनी के एक ब्लॉक में इस दफ्तर का उद्घाटन किया गया। वन विभाग ने यह जगह एसोसिएशन को दी है, ताकि संगठन का रोज का कामकाज ठीक से चल सके और गाइडों के हित में आगे की योजनाओं पर काम हो सके। एसोसिएशन 2026 में ही बनी है।
उद्घाटन के मौके पर व्याघ्र प्रकल्प के वरिष्ठ अधिकारी और वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे। मोहर्ली कोर क्षेत्र के वनपरिक्षेत्र अधिकारी एस. बी. अवघान और मोहर्ली (बफर) के वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष थिपे आए थे। क्षेत्र संचालक डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला, उपसंचालक आनंद रेड्डी येल्लू, ए.सी.एफ. विवेक नातू और मोहर्ली (बफर) के क्षेत्र सहायक एस. जुमडे भी मौजूद रहे। इनके अलावा और भी कर्मचारी कार्यक्रम में शामिल हुए।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल तिवाड़े भी वहां थे। मोहर्ली गेट के सभी पर्यटक मार्गदर्शक और गाइड भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे।
नए बने दफ्तर का उद्घाटन ताडोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के क्षेत्र संचालक डॉ. प्रभुनाथ शुक्ला ने रिबन काटकर किया। उसके बाद अफसरों और गाइडों की मौजूदगी में मां सरस्वती की पूजा-अर्चना हुई और इसी के साथ दफ्तर का कामकाज औपचारिक रूप से शुरू हो गया।
इस मौके पर डॉ. शुक्ला ने एसोसिएशन के सदस्यों से बात की। उन्होंने कहा कि पर्यटन व्यवस्था में गाइडों की भूमिका अहम है। उनके मुताबिक गाइड का काम सिर्फ सैलानियों को जंगल की जानकारी देने तक सीमित नहीं है। गाइडों की आर्थिक तरक्की और उनके भविष्य के लिए भी कुछ योजना बनाकर काम करने की जरूरत है।
डॉ. शुक्ला ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों को यह सलाह भी दी कि वे संगठन की एकजुटता बनाए रखें, आगे और बेहतर काम करें और वन विभाग के साथ तालमेल बिठाकर चलें।
ताडोबा की जंगल सफारी में गाइड एक जरूरी कड़ी हैं। देश और विदेश से आने वाले सैलानियों को जंगल, वन्यजीव, पक्षी, पेड़-पौधों और संरक्षण के बारे में गाइड ही बताते हैं। अब एसोसिएशन को अपना दफ्तर मिलने से उम्मीद है कि गाइडों के आपसी तालमेल, बैठकों, प्रशिक्षण, कल्याण के कामों और आगे की योजनाओं को रफ्तार मिलेगी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों और गाइडों ने दफ्तर उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग के अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया। गाइडों का कहना था कि यह दफ्तर उनके लिए सिर्फ एक जगह नहीं होगा। यह ऐसा केंद्र बनेगा, जहां सब एकजुट होकर गाइडों के हित में और ताडोबा के वन्यजीव पर्यटन की बढ़ोतरी के लिए काम करेंगे।
कार्यक्रम में मोहर्ली गेट के पर्यटक मार्गदर्शक, वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तथा एसोसिएशन के सदस्य मौजूद रहे।