स्विगी ने नितिन गडकरी की मौजूदगी में की ईवी परिषद, इंस्टामार्ट पॉड्स पर 25 जगह बैटरी बदलने के सेंटर
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स्विगी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में इलेक्ट्रिक वाहन परिषद की। इंस्टामार्ट पॉड्स पर 25 जगह बैटरी बदलने के सेंटर शुरू हुए और ईवी किराये पर भी मिलेगी।
स्विगी ने आज केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में एक इलेक्ट्रिक वाहन परिवहन परिषद की। परिषद की थीम थी "आखिरी छोर की डिलीवरी को ताकत", यानी आखिरी छोर तक डिलीवरी को ताकत देना। स्विगी खुद को भारत में मांग पर सुविधाएं देने वाला अग्रणी प्लेटफॉर्म बताती है।
इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियां, चार्जिंग और बैटरी बदलने की सुविधा देने वाली कंपनियां, किराये पर वाहन और वाहनों का बेड़ा देने वाले पार्टनर, फाइनेंस करने वाली संस्थाएं और डिलीवरी पार्टनर एक जगह जमा हुए। वहां इस पर बात हुई कि आखिरी छोर की डिलीवरी के लिए इलेक्ट्रिक दोपहिया कैसे एक व्यावहारिक और किफायती विकल्प बन सकता है।
कार्यक्रम में स्विगी ने अपने इंस्टामार्ट पॉड्स पर अलग-अलग क्षेत्रों के पार्टनरों के साथ मिलकर 25 जगह बैटरी बदलने के सेंटर शुरू किए। साथ ही स्विगी इन्हीं पॉड्स पर इलेक्ट्रिक वाहन किराये पर देने की सुविधा भी दे रही है। इससे डिलीवरी पार्टनर जिस जगह ऑर्डर उठाने आते हैं, वहीं से वाहन भी ले सकेंगे।
स्विगी के मुताबिक भीड़ वाले दिन एक डिलीवरी पार्टनर दिन में करीब 20 बार पॉड पर आता है। इसी वजह से बैटरी बदलने के सेंटर और किराये के ईवी की सुविधा सीधे पॉड पर रखी गई है। वाहन चार्ज करने या लेने के लिए अलग से कहीं जाना नहीं पड़ता, तो पार्टनर का वक्त बचता है। यह बचा हुआ वक्त वे ज्यादा डिलीवरी करने में या अपने लिए लगा सकते हैं।
स्विगी के सह-संस्थापक और सीईओ श्रीहर्ष मजेटी ने कहा, "हर ऑर्डर के पीछे एक इंसान होता है और आखिरी छोर की डिलीवरी की जिम्मेदारी भी उसी पर होती है। हमारे डिलीवरी पार्टनर हमारे हर काम का केंद्र हैं और हमारा मकसद है कि उनका काम और आसान और फायदेमंद हो। जो लोग इलेक्ट्रिक वाहन चुनते हैं, उनके रोज के काम में आने वाली रुकावटें दूर करना जरूरी है, ताकि ईवी की तरफ मुड़ना उनके मौजूदा काम के तरीके में आसानी से बैठ जाए।"
मजेटी ने आगे कहा, "टेक्नोलॉजी की जगह पार्टनरों के रोज के काम को सोचकर कोई सुविधा बनाई जाए, तो उसे अपनाना अपने आप हो जाता है। भारत की आखिरी छोर की डिलीवरी संभालने वाले लोगों के लिए ऐसा भविष्य बनाने में मदद करना ही हमारा लक्ष्य है।"
स्विगी के कॉर्पोरेट अफेयर्स विभाग की प्रमुख नेहा सिंघवी ने कहा, "आखिरी छोर की डिलीवरी में ईवी का इस्तेमाल बढ़ाना है, तो कुछ बुनियादी सुविधाएं चाहिए जो सिर्फ एक प्लेटफॉर्म तक सीमित न हों। इनमें किफायती फाइनेंस, भरोसेमंद चार्जिंग और बैटरी बदलने की सुविधा, और मददगार नीतियां शामिल हैं। आज जिन कई पार्टनरों का सम्मान हुआ, उन्होंने ठीक इन्हीं दिक्कतों को सुलझाने के लिए काम किया है और उनका अनुभव पूरे सेक्टर के लिए अहम है। सरकार के लगातार सहयोग को हम अहमियत देते हैं और ईवी चुनने वाले पार्टनरों की मदद करने वाले उपाय खोजने के लिए इंडस्ट्री और नीति बनाने वालों के साथ काम करने को उत्सुक हैं।"
कार्यक्रम में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की राह में आगे आने वाले डिलीवरी पार्टनरों और इसके लिए जरूरी ढांचा खड़ा करने में योगदान देने वाले पार्टनरों का सम्मान किया गया। सम्मानित कंपनियों में इंडोफास्ट एनर्जी, युलू, बाउंस डेली, RIDEV, बाज बाइक्स, मोटवोल्ट, शैडोफैक्स, बीगॉस ऑटो, वीलो मोबिलिटी, हाला मोबिलिटी और युमा एनर्जी शामिल थीं। डिलीवरी पार्टनरों में साजन लाल, कमल कुमार, अवनीश, संदीप गुप्ता, विजय, रितिक और खुर्शीद का सम्मान हुआ।
बाउंस के सह-संस्थापक और सीटीओ वरुण अग्नी ने कार्यक्रम में कहा, "डिलीवरी का काम करना चाहने वाले किसी भी शख्स के सामने सबसे बड़ी अड़चनों में से एक है अपना वाहन न होना। हमारे साथ काम शुरू करने से पहले हमारे कई राइडर्स के पास अपना वाहन नहीं था। इस साझेदारी से राइडर को काम के लिए जब जरूरत हो, किफायती इलेक्ट्रिक वाहन मिल जाता है और बैटरी बदलने की सुविधा पहले से मौजूद रहती है। इससे बचने वाला वक्त, मेहनत और पैसा सीधे राइडर की रोज की कमाई में जुड़ता है और ग्राहकों की मांग ज्यादा कुशलता से पूरी करने में मदद करता है। राइडर्स और ग्राहक दोनों के लिए, पूरे सेक्टर के लिहाज से यह बड़ी उपलब्धि है।"
ईवी इस्तेमाल करने वाले डिलीवरी पार्टनर उमेश ने कहा, "मैंने स्विगी ऐप के जरिए किफायती दर पर ईवी किराये पर ली। मेरी पसंद के हिसाब से उसका किराया मेरी कमाई में से काटा जाता है। ऑर्डर लेने के लिए मैं इंस्टामार्ट पॉड पर जाता हूं, तो वहीं आसानी से बैटरी भी बदल जाती है। इसलिए अपने दिन का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करके ज्यादा कमाई करना मेरे लिए मुमकिन होता है।"
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