मंगलवार, 3 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

डीजल में 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिलाने के प्रयोग कामयाब, गडकरी ने बताया

डीजल में 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिलाने के प्रयोग कामयाब, गडकरी ने बताया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कारोबार PT24 टीम

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि डीजल गाड़ियों वालों को राहत मिलेगी, क्योंकि देश में डीजल के साथ आइसोब्यूटेनॉल मिलाने के प्रयोग चल रहे हैं।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया है कि देश में डीजल के साथ 15 प्रतिशत आइसोब्यूटेनॉल मिलाने के प्रयोग कामयाबी से चल रहे हैं। उन्होंने यह जानकारी KPMG के एक कार्यक्रम में दी। वहां उन्होंने "वेस्ट टू वेल्थ" के फॉर्मूले पर खास जोर दिया।

पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों के इंजन को नुकसान होता है, इस दावे पर अब विराम लग चुका है। इसके बाद केंद्र सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल पर चलने वाली गाड़ियों को लेकर भी एक अहम फैसला लिया है। इसी सिलसिले में गडकरी ने डीजल वाले प्रयोगों की घोषणा की।

इथेनॉल मुख्य रूप से टूटे चावल, गन्ने, मक्के और बांस से बनता है, और इससे किसानों को सीधा बड़ा आर्थिक फायदा होता है। अब गन्ने के रस से इथेनॉल के साथ आइसोब्यूटेनॉल भी बनाया जा सकता है। इसी वजह से डीजल गाड़ी चलाने वालों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

गडकरी के मुताबिक देश में आइसोब्यूटेनॉल पर चलने वाले इंजन बनने भी शुरू हो गए हैं। डीजल इस्तेमाल करने वालों के लिए यह अच्छा और किफायती विकल्प साबित होगा।

हवाई जहाज के ईंधन पर भी उन्होंने बात की। विमान के बायो-फ्यूल में 2 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने पर दुनिया भर में चर्चा चल रही है, और दुनिया के 18 देशों में इसके कामयाब प्रयोग हो रहे हैं।

प्रदूषक कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की समस्या से निपटने के लिए गडकरी ने एक नई तकनीक का जिक्र किया। उनका कहना था कि कार्बन डाइऑक्साइड में हाइड्रोजन मिलाकर यूरिया बनाने की तकनीक विकसित हो चुकी है। इससे देश का हर साल यूरिया आयात पर होने वाला साढ़े पांच से छह लाख करोड़ रुपये का खर्च बच सकता है। इसके लिए NTPC ने कमर्शियल इस्तेमाल के लिए टेंडर भी जारी कर दिया है।

इसके अलावा कार्बन डाइऑक्साइड और हाइड्रोजन के मिश्रण से डाइमिथाइल ईथर (DME) भी बनाया जा सकता है। गडकरी ने बताया कि अमेरिका में एलपीजी में 40 प्रतिशत DME मिलाया जाता है। अगर भारत यह तकनीक अपनाता है, तो एलपीजी के आयात पर निर्भरता काफी कम हो जाएगी।

गडकरी ने कहा कि केंद्र सरकार का इरादा आगे चलकर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के आयात पर होने वाला लाखों करोड़ रुपये का खर्च बचाना है। साथ ही देश में हरित और जैव ईंधन (Bio-Fuel) को बढ़ावा देना भी सरकार की मंशा है।

#नागपुर#कारोबार#PT24#Business#Nagpur

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे