ई-स्प्रिंटो वित्त वर्ष 2028 के अंत तक देश भर में 200 से ज्यादा डीलर जोड़ने की तैयारी में
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इलेक्ट्रिक दोपहिया कंपनी ई-स्प्रिंटो ने दो चरणों की योजना घोषित की है। पहले चरण में उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के शहर हैं, दूसरे में मध्य और पूर्वी भारत के।
इलेक्ट्रिक दोपहिया बनाने वाली कंपनी ई-स्प्रिंटो ने देश भर में अपना डीलर नेटवर्क मजबूत करने और रिटेल बिक्री बढ़ाने के लिए दो चरणों की योजना का ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 के अंत तक पूरे देश में 200 से ज्यादा डीलर जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
कंपनी का कहना है कि बिजनेस-टू-बिजनेस सेगमेंट में उसने अपनी पकड़ बना ली है और 70,000 से ज्यादा गाड़ियां सड़कों पर हैं। अब वह अपनी नई बी2सी इलेक्ट्रिक स्कूटर ई-स्प्रिंटो जी1 के लॉन्च के साथ रिटेल नेटवर्क को तेजी से फैला रही है।
योजना के पहले चरण में ई-स्प्रिंटो उत्तर, दक्षिण और पश्चिम भारत के बड़े बाजारों में अपना नेटवर्क खड़ा करेगी। कंपनी उत्तर भारत में करीब 20, दक्षिण भारत में 15 और पश्चिम भारत में 15 नए डीलर जोड़ेगी। इन इलाकों में दिल्ली-एनसीआर, जयपुर, बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों को पहले लिया जाएगा। इस चरण का मकसद मार्च 2027 तक पूरे भारत में 50 से ज्यादा डीलर तैयार करना है।
दूसरे चरण में कंपनी मध्य और पूर्वी भारत के उभरते बाजारों में उतरेगी। इसके तहत भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, कोलकाता और भुवनेश्वर जैसे शहरों में नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। इस तरह कदम-दर-कदम आगे बढ़ते हुए ई-स्प्रिंटो का लक्ष्य वित्त वर्ष 2028 के अंत तक देश भर में 200 से ज्यादा डीलरों का मजबूत जाल बिछाना है।
इस विस्तार योजना पर ई-स्प्रिंटो की सह-संस्थापक शालू गुप्ता ने कहा, "हमारे लिए डीलर नेटवर्क बनाने का मतलब सिर्फ नए बाजारों में जाना नहीं है। इसका मतलब ऐसे पार्टनरों से जुड़ना है जो स्थानीय ग्राहकों की जरूरतें समझते हों और ईवी की ओनरशिप के पूरे सफर में उनका साथ दे सकें। हमारा पूरा जोर '3S' पर है, यानी सेल्स, सर्विस और स्पेयर्स। ग्राहकों को ओनरशिप का बेहतरीन अनुभव मिले, इसके लिए हम अपनी उत्पादन क्षमता और डीलर नेटवर्क को साथ-साथ रख रहे हैं।"
यह विस्तार कंपनी की ई-स्प्रिंटो जी1 बी2सी इलेक्ट्रिक स्कूटर के हाल ही में हुए लॉन्च के तुरंत बाद हो रहा है। इस स्कूटर की शुरुआती कीमत 89,999 रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) है। करीब दो साल की रिसर्च और डेवलपमेंट के बाद बनी यह स्कूटर भारतीय यात्रियों की रोज की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन की गई है। इसमें अलग-अलग राइडिंग मोड, बैटरी के विकल्प और काम की चीजों पर जोर देने वाले फीचर शामिल हैं।
उत्पादन के मोर्चे पर कंपनी के पास फिलहाल 3 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जिनकी सालाना क्षमता 1.5 लाख यूनिट की है। कंपनी के मुताबिक यही ढांचा उसे बी2बी से बी2सी सेगमेंट में फैलने के लिए मजबूत आधार देता है।
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