सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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सुप्रिया सुले का दावा: पुणे शिक्षक-स्नातक चुनाव में पैसे बांटने को स्पायकैम पेन चल रहे

राष्ट्रवादी कांग्रेस की सांसद सुप्रिया सुले ने भाजपा पर पैसे बांटने के लिए स्पायकैम वाले पेन के इस्तेमाल का आरोप लगाया और चुनाव आयोग और सरकार से जांच मांगी।

सुप्रिया सुले का दावा: पुणे शिक्षक-स्नातक चुनाव में पैसे बांटने को स्पायकैम पेन चल रहे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए आज वोटिंग चल रही है। इसी बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस की सांसद सुप्रिया सुले ने एक चौंकाने वाला आरोप लगाया है, जिससे सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। उनका कहना है कि इस चुनाव में भाजपा की तरफ से पैसे बांटने के लिए स्पायकैम वाले पेन का इस्तेमाल हो रहा है। इस चुनाव का नतीजा 27 अक्टूबर को घोषित किया जाएगा।

सुप्रिया सुले ने यह बात अपने आधिकारिक ट्विटर एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके कही। उन्होंने लिखा कि पुणे शिक्षक और स्नातक चुनाव में भाजपा की ओर से पैसे बांटने के लिए स्पायकैम वाले पेन के इस्तेमाल की शिकायतें सामने आ रही हैं।

उनके मुताबिक मतदाता खुद बता रहे हैं कि पूरा तरीका क्या है। वोटर की जेब में ऐसा पेन लगा दिया जाता है। वोट डालते वक्त इस पेन से वीडियो रिकॉर्ड किया जाता है कि वोट भाजपा के उम्मीदवार को दिया गया या नहीं। वोटिंग के बाद जब वह वीडियो दिखाया जाता है, तब पहले से तय रकम दी जाती है।

सुले ने इन शिकायतों को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि इससे वोट की गोपनीयता और मतदाताओं की आजादी खतरे में पड़ती है। उनकी मांग है कि चुनाव आयोग और सरकार फौरन इसका संज्ञान लें, पूरी गहराई से जांच कराएं और जो दोषी पाए जाएं उन पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने यह भी लिखा कि लोकतंत्र की बुनियादी बातों को ताक पर रखने वाली ऐसी हरकतें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए, और चुनाव निष्पक्ष, बेखौफ और पारदर्शी माहौल में ही होना चाहिए।

अपनी पोस्ट के साथ सुले ने पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे का वोट डालते वक्त का एक वीडियो भी दिखाया है। उनका कहना है कि पोलिंग बूथ पर पार्टी की पहचान एक तरफ रखकर आम मतदाता की तरह जाने की उम्मीद की जाती है। लोकतंत्र की इस पवित्र प्रक्रिया की पवित्रता और मतदान केंद्र की निष्पक्षता को हर किसी को बनाए रखना चाहिए।

इसी वीडियो को लेकर उन्होंने कई सवाल उठाए हैं। उनका सवाल है कि उम्मीदवार को गले में पार्टी का चिह्न पहनकर मतदान केंद्र में कैसे जाने दिया गया। यह छूट सिर्फ सत्ताधारी पार्टी के उम्मीदवार को ही क्यों दी जाती है। क्या यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। सुले ने कहा कि इन उम्मीदवारों पर ठीक-ठीक क्या कार्रवाई होगी, इसका जवाब महाराष्ट्र सरकार और चुनाव आयोग को देना चाहिए।

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