कराळे मास्तर की शरद पवार की राष्ट्रवादी से 6 साल के लिए छुट्टी, पार्टी अनुशासन तोड़ने और भ्रम फैलाने के आरोप
नागपुर पदवीधर चुनाव में मतदान से कुछ घंटे पहले राष्ट्रवादी काँग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी ने नितेश कराळे मास्तर को 6 साल के लिए निकाला और अभिजीत वंजारी को समर्थन दिया।
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नागपुर पदवीधर निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान से कुछ ही घंटे पहले एक अहम फैसला आया है। राष्ट्रवादी काँग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी ने अपने नेता नितेश कराले मास्टर को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। कराले ने इस चुनाव में बगावत की थी, जिसके बाद पार्टी ने यह बड़ा फैसला लिया।
पार्टी ने इसके साथ ही काँग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार अभिजीत वंजारी को समर्थन देने का भी ऐलान किया है। राष्ट्रवादी काँग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी ने इस बारे में आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की है। यानी पार्टी अब खुलकर वंजारी के साथ खड़ी है।
कार्रवाई की वजह पार्टी अनुशासन का उल्लंघन बताई गई है। आरोप है कि नितेश कराले गुरुजी ने नागपुर पदवीधर चुनाव में पार्टी के फैसले के खिलाफ जाकर निर्दलीय उम्मीदवारी का फॉर्म भरा। उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने मतदाताओं में यह भ्रम पैदा किया कि चुनाव में उन्हें शरद पवार का आशीर्वाद हासिल है। महाविकास आघाड़ी के अधिकृत उम्मीदवार अभिजित वंजारी के खिलाफ चुनाव लड़ने का आरोप भी उन पर लगाया गया है।
पार्टी के महासचिव रविंद्र पवार के दस्तखत वाला कार्रवाई का पत्र सामने आया है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव में शरद पवार का आशीर्वाद होने की बात कहना पार्टी के अनुशासन, नीतियों और महाविकास आघाड़ी के फैसलों का साफ उल्लंघन है। पत्र के मुताबिक पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और वरिष्ठ नेतृत्व के निर्देश पर पार्टी अनुशासन तोड़ने के लिए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया जा रहा है, और वे इसे नोट कर लें।
नितेश कराले गुरुजी सोशल मीडिया पर अपने विवादित बयानों और पढ़ाने के अलग तरीके की वजह से जाने जाते हैं। पिछले कुछ दिनों से कराले आघाड़ी के खिलाफ प्रचार कर रहे थे।
अब मतदान के बस कुछ घंटे पहले हुई इस कार्रवाई का चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सबकी नजर है।
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