सुप्रीम कोर्ट से राहत के बाद चंद्रकांत पाटील ने पडळकर को चॉकलेट खिलाई, दी नसीहत
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सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर को बड़ी राहत मिली है। उम्मीदवारी आवेदन अवैध ठहराए जाने के बाद पडळकर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था। खबर है कि अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद चुनाव में उनका रास्ता साफ़ हो गया है। इसके बाद राज्य के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने पडळकर को चॉकलेट देकर उन्हें बधाई दी।
पडळकर की उम्मीदवारी को हरी झंडी मिलने के बाद सांगली में राजनीतिक चर्चाएँ तेज़ हो गई हैं। इसी माहौल में चंद्रकांत पाटील ने उनका सत्कार किया। इस मौके पर उन्होंने मज़ाकिया लहजे में टिप्पणी की और पडळकर को काम पर ज़्यादा ध्यान देने की सलाह दी।
पाटील ने कहा, "पडळकर से तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी घबराते हैं। वे बैंक में आएँगे तो क्या होगा, इसकी पूरी रणनीति बन चुकी है। जैसे माहिर पहलवान आठ-दस लोगों को पटक देता है, वैसे ही वे हैं। लेकिन पडळकर, तू बोल कम और काम ज़्यादा कर, ऐसा मुख्यमंत्री ने कहा है। हाँ, पडळकर जोश रखें, उन्माद नहीं चाहिए।" ऐसी सलाह भी उन्होंने दी।
पडळकर ने सांगली जिला बैंक के जत सोसायटी वर्ग से उम्मीदवारी आवेदन भरा था। उनके आवेदन की वैधता पर आपत्ति उठाई गई, जिसके बाद आवेदन खारिज कर दिया गया। मुंबई हाईकोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने भी यह फ़ैसला बरकरार रखा था। उसके बाद पडळकर ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाने का रुख़ लिया। अब सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद जिला बैंक के चुनाव में मुकाबला और कड़ा होने की संभावना है।
आपत्ति किस बात पर थी, यह भी सामने आया है। याचिकाकर्ताओं ने पडळकर की कुणीकोणूर सर्वसेवा सहकारी सोसायटी की सदस्यता पर सवाल उठाए थे। साथ ही निंबवडे ग्रामीण गैरकृषि क्रेडिट सोसायटी में उनके संचालक पद के अनुभव पर भी सवाल था। मुद्दा यह रखा गया था कि जिला बैंक के उपविधि के मुताबिक तय अवधि की सदस्यता और व्यवस्थापन समिति का अनुभव ज़रूरी है।
याचिका में यह भी पूछा गया था कि 20 फ़रवरी 2026 को ज़मीन खरीदने के बाद उससे पहले सदस्यता कैसे मिली। इसके अलावा सवाल था कि क्रेडिट सोसायटी की सदस्यता और संचालक पद को चुनाव के लिए माना जा सकता है या नहीं। इन घटनाक्रमों से सांगली जिला बैंक का चुनाव अब और दिलचस्प होने के आसार हैं।