सुप्रीम कोर्ट ने दी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को अंतरिम मंजूरी
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ओबीसी आरक्षण पर अंतिम फैसला आने से पहले ही बाकी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की इजाजत मिली, पर नतीजे अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे।
मुंबई, 29 तारीख: जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनाव का इंतजार कर रहे राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण पर अंतिम फैसला अभी लंबित होने के बावजूद बाकी स्थानीय निकायों के चुनाव अंतरिम व्यवस्था के तहत कराने की इजाजत दे दी है।
लेकिन एक शर्त साफ है। इन चुनावों की प्रक्रिया और उनकी वैधता मामले के अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। इसलिए अब सबकी नजर राज्य चुनाव आयोग के अगले कदम पर टिकी है।
राज्य के स्थानीय निकायों के चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। उसी दौरान लंबित चुनावों का मुद्दा उठा। वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंग ने कोर्ट का ध्यान इस ओर दिलाया कि इससे पहले 12 जिला परिषदों में चुनाव हो चुके हैं। बाकी 20 जिला परिषदों और 211 पंचायत समितियों के चुनाव अभी होने हैं।
सुनवाई में यह रुख रखा गया कि ओबीसी आरक्षण के सवाल पर आखिरी फैसला आने तक इन चुनावों को अनिश्चित काल के लिए रोके नहीं रखना चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने अंतरिम व्यवस्था के तहत चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने की अनुमति दी।
इस पूरे मामले का सबसे अहम मुद्दा स्थानीय निकायों में ओबीसी आरक्षण है। आरक्षण की 50 फीसदी की सीमा और ओबीसी समाज को दिए जाने वाले आरक्षण से जुड़े सवालों पर अंतिम फैसला अभी बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव कराने की इजाजत जरूर दी है, पर इससे आरक्षण का कानूनी विवाद खत्म नहीं हुआ है। चुनाव का रास्ता खुल गया है, फिर भी आरक्षण पर आगे की सुनवाई भी अहम होगी।
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को क्यों रोका जाए। यह भी साफ किया गया कि कोर्ट पहले ही अंतरिम व्यवस्था के तहत चुनाव कराने के निर्देश दे चुका है। इसलिए जिन स्थानीय निकायों में अब तक चुनाव नहीं हुए हैं, उनकी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी, लेकिन अंतिम फैसले के अधीन रहने की शर्त बनी रहेगी।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक कोकण, उत्तर महाराष्ट्र, मराठवाडा और विदर्भ के कई जिलों में जिला परिषद चुनाव की आगे की प्रक्रिया को लेकर उत्सुकता है। इनमें बीड, जालना, नांदेड, हिंगोली, नाशिक, जलगांव, अहिल्यानगर, धुले, नंदुरबार, पालघर, ठाणे, अमरावती, अकोला, वाशिम, बुलढाणा, यवतमाल, नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, गडचिरोली और चंद्रपुर जिलों का जिक्र किया गया है।
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