सिंधुदुर्ग में तेज धूप से बच्चे परेशान, वैभव नाईक ने स्कूल सुबह की पाली में चलाने को कहा
पूर्व विधायक वैभव नाईक ने शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे को चिट्ठी लिखकर सिंधुदुर्ग जिले के स्कूल दोपहर की जगह सुबह के सत्र में चलाने की मांग की है।
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मानसून की वापसी के साथ ही पूरे महाराष्ट्र में धूप की तपिश बहुत बढ़ गई है और 'ऑक्टोबर हीट' का असर तेज हो गया है। कोकण के सिंधुदुर्ग जिले में बारिश रुकी हुई है और कड़ी धूप निकल रही है, इसलिए पारा दिन-ब-दिन चढ़ता जा रहा है।
इस गर्मी की मार स्कूल जाने वाले बच्चों पर पड़ रही है और उनकी सेहत पर बुरा असर हो रहा है। इसी को देखते हुए पूर्व विधायक वैभव नाईक ने राज्य के शालेय शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने जोर देकर मांग की है कि सिंधुदुर्ग जिले के स्कूल दोपहर की जगह सुबह के सत्र में लगाए जाएं।
नाईक ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि इस वक्त पूरा सिंधुदुर्ग जिला सूखे की सूची में आ गया है। जिले में बारिश पूरी तरह थम चुकी है और कड़ी धूप की वजह से हर दिन उमस और तापमान बढ़ रहे हैं। अभी स्कूल दोपहर के सत्र में चल रहे हैं, इसलिए छोटे बच्चों को तेज धूप में आना-जाना पड़ता है। इससे सेहत की दिक्कतें खड़ी हो रही हैं।
इसी वजह से उन्होंने विनती की है कि बच्चों और उनके पालकों को इस तेज धूप से बड़ी राहत देने के लिए जिले के सभी स्कूल तुरंत सुबह के सत्र में शुरू किए जाएं।
उधर मुंबई और आसपास के इलाकों के लिए भी मौसम विभाग (IMD) ने अगले 3 दिन गर्मी की लहर आने का अंदाजा जताया है। पिछले कुछ दिनों में मुंबई का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चला गया है और लोग भारी उमस से परेशान हैं।
3 से 5 अक्टूबर तक मुंबई, ठाणे और रायगड जिलों में बहुत उमस भरा और तीखी गर्मी वाला मौसम रहने की संभावना बताई गई थी। अब मौसम विभाग का अंदाजा है कि 7 अक्टूबर से ठाणे और मुंबई इलाके में मौसम ज्यादातर सूखा रहेगा।
मौसम के जानकारों का कहना है कि तापमान और हवा की नमी में अचानक आई इस बढ़ोतरी का सीधा और उलटा असर इंसान के शरीर की तापमान को काबू में रखने वाली व्यवस्था पर पड़ सकता है। इन दिनों दिन में तेज और कड़ी धूप रहती है, जबकि रात में हल्की ठंडक होती है। ऐसे बेमेल मौसम की वजह से हवा में नमी यानी उमस बहुत ज्यादा बढ़ गई है।