मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:26 IST

फ्रांस में स्कूली छात्र सड़कों पर, टीचरों की कमी और भीड़ भरी क्लास से नाराजगी

फ्रांस के कई उच्च माध्यमिक स्कूलों में छात्रों ने स्कूल बंद कर प्रदर्शन शुरू किया है। कुछ जगह आंदोलन हिंसक हो गया।

फ्रांस में स्कूली छात्र सड़कों पर, टीचरों की कमी और भीड़ भरी क्लास से नाराजगी
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

फ्रांस में पढ़ाई-लिखाई की दिक्कतों को लेकर छात्रों का गुस्सा अब सड़कों पर आ गया है। देश के कई उच्च माध्यमिक स्कूलों में छात्रों ने आंदोलन छेड़ दिया है, स्कूल बंद करवाए जा रहे हैं और जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं।

छात्रों की नाराजगी की वजहें साफ हैं। टीचरों की कमी बढ़ती जा रही है, क्लास में बच्चों की भीड़ बढ़ रही है, स्कूलों में सुविधाएं कम पड़ रही हैं और पूरी शिक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है। इन्हीं मुद्दों से छात्र भड़के हुए हैं।

आंदोलन फैलते-फैलते दुनिया भर में मशहूर आयफेल टॉवर तक पहुंच गया है। छात्रों ने आयफेल टॉवर के नीचे की खुली जगह में एक चारपहिया गाड़ी में आग लगा दी। इसका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस आंदोलन को फ्रांस के हर क्षेत्र में काम करने वाले लोगों और छात्रों के पैरेंट्स का समर्थन मिलना शुरू हो गया है। दूसरी तरफ कुछ जगहों पर आंदोलन हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस को बीच में आना पड़ा। फिलहाल छात्रों की गिरफ्तारी या लाठीचार्ज की कोई खबर नहीं आई है।

आंदोलन के बड़े मुद्दों में सबसे ऊपर टीचरों की कमी है। कई स्कूलों में टीचर मौजूद न होने से बच्चों की क्लास रद्द हो जाती है या उनकी रोज की पढ़ाई पर असर पड़ता है। कुछ स्कूलों में क्लास के अंदर बच्चों की गिनती बढ़ने की शिकायत भी है। आंदोलन करने वालों का दावा है कि इस वजह से उन्हें ठीक से पढ़ाई नहीं मिल पा रही। स्कूलों की इमारतों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कई जगह नाराजगी जताई जा रही है।

यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्रिया को लेकर भी छात्रों में बेचैनी है। उच्च माध्यमिक पढ़ाई के बाद यूनिवर्सिटी में एडमिशन के लिए Parcoursup नाम की व्यवस्था इस्तेमाल होती है। छात्र संगठनों का कहना है कि इससे छात्रों पर भारी दबाव आता है। दाखिले के मौके, पढ़ाई में गैरबराबरी और आगे के करियर को लेकर असुरक्षा से उनका तनाव बढ़ रहा है। इसी वजह से शिक्षा व्यवस्था में बड़े पैमाने पर सुधार की मांग जोर पकड़ रही है।

कई जगह छात्रों ने स्कूलों के गेट पर प्रदर्शन किया और कुछ स्कूलों को बंद रखने की कोशिश भी की गई। कुछ इलाकों में पुलिस और प्रदर्शन करने वालों के बीच झड़प हुई, लेकिन इसमें किसी को चोट नहीं आई। आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं। अब सरकार के सामने दोहरी चुनौती है: आंदोलन को शांत करना और शिक्षा व्यवस्था की इन दिक्कतों का हल निकालना।

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