बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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19:02 IST

ओला, उबर, रैपिडो की बाइक टैक्सी महाराष्ट्र में होंगी इलेक्ट्रिक, 9 महीने तक की मोहलत

राज्य सरकार ने बाइक टैक्सी कंपनियों से पेट्रोल की बाइकें हटाकर पूरा बेड़ा इलेक्ट्रिक करने को कहा है। कुछ कंपनियों को तीन महीने ज्यादा मिलेंगे।

ओला, उबर, रैपिडो की बाइक टैक्सी महाराष्ट्र में होंगी इलेक्ट्रिक, 9 महीने तक की मोहलत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र में बाइक टैक्सी चलाने वालों और उनसे सफर करने वालों के लिए एक अहम खबर है। राज्य सरकार ने ओला, उबर और रैपिडो समेत सभी बाइक टैक्सी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपनी बाइकें इलेक्ट्रिक में बदलें। यानी अब पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी की जगह इलेक्ट्रिक बाइकें लेंगी।

आजकल रोजमर्रा के सफर में बाइक टैक्सी का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। ऑफिस के वक्त या दूसरे कामों के लिए लोगों को यह सुविधाजनक लगती है। ऐसे में चाहे आप खुद बाइक टैक्सी से सफर करते हों या उसे चलाते हों, इस फैसले की जानकारी आपके लिए जरूरी है।

बताया जा रहा है कि कंपनियों को अपना पूरा बाइक टैक्सी बेड़ा पेट्रोल से इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए कुछ महीनों की मोहलत दी गई है। फिलहाल पेट्रोल की बाइकें इस्तेमाल करने वाली सभी कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ जाना होगा, और इसके लिए उन्हें छह महीने का वक्त दिए जाने की बात कही जा रही है। लेकिन यह आखिरी तारीख सब कंपनियों के लिए एक जैसी नहीं है। कुछ कंपनियों को अतिरिक्त वक्त दिया गया है, और इसकी वजह अलग बताई जा रही है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राज्य के परिवहन विभाग ने आरटीओ और बाइक टैक्सी कंपनियों से इस नियम को लागू करने को कहा है। इसका मतलब यह है कि आगे चलकर राज्य की बाइक टैक्सी पेट्रोल से इलेक्ट्रिक में बदल दी जाएंगी।

अतिरिक्त वक्त उन ऑपरेटरों को मिलेगा जिन्होंने महाराष्ट्र बाइक टैक्सी नियम 2025 के तहत अस्थायी लाइसेंस के लिए पहले ही अर्जी दे दी है। ऐसे ऑपरेटरों को पेट्रोल से इलेक्ट्रिक वाहनों पर आने के लिए तीन महीने और दिए जाएंगे। यानी हालात के हिसाब से कंपनियों को अपनी सारी बाइकें पेट्रोल से इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए नौ महीने तक का समय मिल सकता है।

अब सवाल यह है कि सरकार ने यह फैसला क्यों लिया। इस निर्देश के पीछे की वजह बताई जा रही है कि राज्य में बाइक टैक्सियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, और पेट्रोल की बाइकों से प्रदूषण बढ़ता है। इसलिए सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए यह अहम कदम उठाया है।

इसके साथ ही पेट्रोल की बाइकों के मुकाबले इलेक्ट्रिक बाइकें चलाने का खर्च कम होता है। इलेक्ट्रिक बाइकों की शुरुआती कीमत भले ही ज्यादा हो, पर उन्हें चलाने का खर्च पेट्रोल वाली बाइकों से कम पड़ता है। इस वजह से बाइक टैक्सी चलाने वालों का खर्च भी घट सकता है।

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